अनोखा तीर, हरदा। धनतेरस पर्व पर भगवान धन्वंतरी की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। जिला मुख्यालय के आयुष अस्पताल में विधि विधान से पूजन अर्चन हुआ। भगवान धनवंतती को आयुर्वेद का जनक बताया गया। इस अवसर पर विभाग के डॉक्टर्स ने निरोग रहने के लिए सभी लोगो से आयुर्वेद अपनाने पर जोर दिया। जिला आयुष अधिकारी डॉ.अनिल वर्मा, डॉ.प्रियंका वर्मा ने कहा कि आयुर्वेद के अनुसार आहार विहार अपनाकर मनुष्य स्वस्थ एवं निरोग रह सकता है। वर्तमान परिवेश में आयुर्वेद की डिमांड बढ़ी है। यह स्वस्थ जीवन के लिए शुभ संकेत हैं। इस अवसर पर विभाग के सभी कमर्चारी मौजूद रहे।
स्वस्थ रहने का संदेश
भगवान धन्वंतरी ने अपनी चारों भुजाओं में अलग-अलग वस्तुएं धारण करके संदेश दिया है कि स्वस्थ रहने के लिए जीवनशैली सही रखें। एक हाथ में अमृत कलश है, जो संदेश देता है कि जल ही जीवन है, जल की महत्ता समझें। दूसरी भुजा में गिलोय औषधि है, जिससे संदेश मिलता है कि हर जड़ी-बूटी का अपना महत्व है, उनका सेवन करने के साथ सम्मान भी दें। तीसरी भुजा में शंख धारण किया हुआ है, जो हमें पवित्रता का संदेश देता है। जिस तरह पूजा घर में शंख का इस्तेमाल होता है, शंख की तरह ही हमारा शरीर पवित्र होना चाहिए। चौथी भुजा में आयुर्वेद ग्रंथ के माध्यम से संदेश देते हैं कि हर बीमारी का इलाज आयुर्वेद में हैं। आयुर्वेद ग्रंथ का अध्ययन करके शरीर को निरोगी रखें।
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