-एक वर्ष पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद
अनोखा तीर, सिराली। नगर परिषद सिराली के वार्ड क्र.5 अब्दुल कलाम वार्ड में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या के समाधान की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मस्जिद मोहल्ला मेन रोड पर बहुप्रतीक्षित नाली निर्माण कार्य शुरू होने से वार्डवासियों ने राहत की सांस ली। करीब एक वर्ष से लंबित इस कार्य के शुरू होने पर नागरिकों ने वार्ड पार्षद हयात पटेल एवं नगर परिषद प्रशासन का आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में खुली नाली और क्षतिग्रस्त निकासी पाइप के कारण नाली का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा था। इससे आसपास के रहवासियों को बदबू, मच्छरों और गंदगी की समस्या से जूझना पड़ रहा था। स्थिति ऐसी हो गई थी कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने लगा था। वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वार्ड पार्षद हयात पटेल ने बताया कि वार्ड की यह प्रमुख समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। उन्होंने नगर परिषद की विभिन्न बैठकों में लगातार इस मुद्दे को उठाया तथा नगर परिषद अध्यक्ष एवं सीएमओ को भी कई बार अवगत कराया। लगातार प्रयासों और जनसमस्या को गंभीरता से रखने के बाद आखिरकार नगर परिषद द्वारा नाली निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई। पार्षद पटेल ने बताया कि संबंधित नाली में अन्य वार्डों का पानी भी छोड़ा जा रहा था, जिसके कारण समस्या और अधिक बढ़ गई थी। खुली नाली और टूटे पाइप के चलते सड़क पर पानी भराव की स्थिति बनती थी। अब निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्रवासियों को जल्द ही स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर परिषद के सहायक इंजीनियर रविंद्र चावढ़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि इंजीनियर विष्णु प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में निकाय अंतर्गत लगभग 200 मीटर लंबी नवीन नाली का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण कार्य अबरार के घर से कन्या शाला तक किया जाएगा। कार्य की अनुमानित लागत करीब 6 लाख 93 हजार रुपए है। उन्होंने बताया कि नाली की चौड़ाई एवं गहराई दो बाई दो फीट निर्धारित की गई है, जिससे जल निकासी व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए दो माह की समय सीमा तय की गई है। नाली निर्माण कार्य शुरू होने पर क्षेत्र के नागरिकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय बाद उनकी मूलभूत समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल हुई है। लोगों को उम्मीद है कि कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी और बीमारियों से भी राहत मिलेगी।
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