-झूठे आश्वासन से नहीं चलेगा काम, गांव को गोद लेने के बाद सांसद ने पलटकर भी नहीं देखा
भैरुंदा (नसरुल्लागंज)। विधानसभा चुनाव के दौरान भैरुंदा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव बसंतपुर में शनिवार को गांव के सरपंच सहित ग्रामीणों का गुस्सा सांसद के द्वारा गांव की अनदेखी किए जाने पर भाजपा नेता रधुनाथ सिंह भाटी पर फूट पड़ा। इस दौरान सरपंच घीसू पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि झूठे आश्वासन से काम नहीं चलेगा। कहां हैं सांसद रमाकांत भार्गव जिन्होनें आदिवासी गांव को गोद लेने का ड्रामा किया और आज तक वापस गांव में आए ही नहीं। गांव के लोग परेशान हैं लेकिन कोई सुनने वाला नही हैं। ऐसे में अब झूठे आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सांसद को लेकर आओ और बताओं कि उन्होनें कितना काम क्षेत्र की जनता के लिए किया। सरपंच भाजपा नेता को खरी – खोटी सुना रहे थे तो वहां पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। लेकिन चुनाव के लिए वोट मांगने गए भाजपा नेता को सांसद की गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा और जनता ने उन्हे खरी – खरी सुनाई। शनिवार को क्षेत्र के गांव बसंतपुर में सीएम शिवराज सिंह चौहान के पक्ष में जनसंपर्क करने भाजपा नेता रघुनाथ सिंह भाटी पहुंंचे थे। इस दौरान वह ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। तभी गांव के सरपंच घीसू पटेल आए और उन्होनें सभा के बीच में भाजपा नेता का विरोध करते हुए कहां कि केवल झूठे आश्वासन देने क्यों आते हों। इस गांव को सांसद रमाकांत भार्गव ने गोद लिया हुआ हैं। हमने सोचा था कि सांसद के गांव को गोद लेने के बाद हमारी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। लेकिन सांसद तो कभी गांव आए ही नहीं। गांव की समस्या सुनने के लिए तो उनके पास समय ही नहीं हैं। इसलिये गांव के लोगों को भ्रमित न किया जाए। इस दौरान सरपंच को अन्य ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर शांत किया। चुनाव के दौरान गांव वालों का गुस्सा सांसद रमाकांत भार्गव को लेकर सातवें आसमान पर था।
बसंतपुर भाजपा का गढ़ हैं, नाराजगी परिवार का मामला हैं
भाजपा नेता रघुनाथ सिंह भाटी ने बताया कि ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि गांव को गोद लेने के बाद संसद ने कभी भी वहां का दौरा नहीं किया। हालांकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया हैं। भाजपा एक परिवार है और परिवारों के बीच में नाराजगी विरोध नहीं होती। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसंतपुर सहित आसपास के गांव में विकास की कई योजना संचालित की है जिसका लाभ ग्रामीण ले रहे हैं। बसंतपुर गांव में पहुंचने के लिए सड़क मार्ग भी स्वीकृत किए जा चुके हैं। जिसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी। यहां पर पीने के पानी की समस्या थी जिसका निदान भी नर्मदा की पाइपलाइन के माध्यम से कर दिया गया है।
लगे जय-जय कमलनाथ के नारे
मुख्यमंत्री सुपुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान जब क्षेत्र के गांव कुरी नयापुरा से जनसंपर्क कर लौट रहे थे तो गांव की चौक पर ही कांग्रेस के कुछ उत्साहित कार्यकर्ताओं ने जय जय कमलनाथ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया। हालांकि युवाओं की भीड़ देखकर कार्तिकेय सिंह ने वहां रुकने का प्रयास किया लेकिन जय जय कमलनाथ के नारे लगने पर वह अपना काफिला लेकर सीधे रवाना हो गए।
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