दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के गैरकानूनी निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण मध्य प्रदेश के कई आईएएस आईपीएस अधिकारियों को मूल्यांकन रिपोर्ट में नकारात्मक मूल्यांकन का सामना करना पड़ा है। उन्होने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने के बाद प्रदेश में ऐसा माहौल बनाया जाएगा जहां अधिकारी निडर होकर अपना काम कर सकें।
IAS-IPS अधिकारियों को लेकर कही ये बात
अपने ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि ‘कई युवा आईएएस और आईपीएस अधिकारी जिन्होंने अपने वरिष्ठों और भाजपा नेताओं के गैरकानूनी निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया, उन्हें अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में नकारात्मक मूल्यांकन का सामना करना पड़ा, जिससे उनके रिकॉर्ड खराब हो गए और उनका भविष्य खतरे में पड़ गया। आगामी विधानसभा चुनावों के बाद जब कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी तो हम इन मामलों का उनके गुणों के आधार पर गहन मूल्यांकन करेंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई लागू करेंगे कि ये अधिकारी बिना किसी डर के काम कर सकें और मप्र के समग्र विकास में योगदान दे सकें।’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी सिद्धांतवादी अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे बिना किसी डर या झिझक के मध्य प्रदेश की बेहतरी के लिए खुद को समर्पित करें।
कांग्रेस पहले भी लगा चुकी है आरोप
इससे पहले भी कांग्रेस लगातार ये आरोप लगाती रही है कि प्रदेश में अधिकारी बीजेपी के दबाव में काम करने के लिए विवश हैं। कमलनाथ कई बार मंच से ये चेतावनी भी दे चुके हैं कि कांग्रेस की सरकार आने पर ऐसे अधिकारी, जो बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। अब दिग्विजय सिंह ने इस बात को दोहराते हुए कहा है कि जिन अधिकारियों पर बीजेपी का दबाव काम नहीं कर पाया, उनकी सीआर खराब की गई, जिससे उनका रिकॉर्ड खराब हो गया। लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसे अधिकारियों की रिपोर्ट का फिर से मूल्यांकन किया जाएगा।
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