अनोखा तीर, हरदा। इस बार की बारिश का मौसम अनेक बीमारियां साथ लेकर आया है। इस कारण अनेक लोग इसका शिकार बन रहे हैं। खासकर ग्रामीण अंचल में जहां सहज उपचार की सुविधा नहीं होती वहां यह वायरल फीवर खूब जोर दिखा रहा है। इन दिनों आसपास के गांव में दर्जनों लोग इस बुखार के ताप से तप रहे हैं। समस्या यह है कि समय पर समीप में विभाग के स्वास्थ्य केंद्र व अन्य स्वास्थ्य कारकर्ताओं के न मिलने से बीमारी यह बीमारी जोर पकड़ने लगी है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए तो किसी अनहोनी घटना के होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ज्ञात हो हो कि बीते दिनों टिमरनी विकासखण्ड के आदिवासी बहुल ग्राम रवांग में ऐसे वायरल फीवर ने दहशत फैला दी थी। इसमें दो लोगों की अपुष्ट मौत और कुछ लोगों के गंभीर होने का मामला सामने आया था। कुछ परिवार के लोगों ने बुखार से पीड़ित परिजनों का बैतूल में इलाज कराया था। जबकि कुछ लोग उन्हें टिमरनी और हरदा तरफ ले गए थे।
गांवों में वायरल फीवर का जोर
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के समीप मगरधा के पास कुछ गांवों में वायरल फीवर का अटैक हो गया है। इसमें ग्राम पंचायत मोहनपुर के लोग सर्वाधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। विशेष तौर पर 1000 की आबादी वाले इस गांव में हर एक-दो परिवार के लोग मौसमी बीमारी से प्रभावित हैं। यदि यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम समय पर आ जाए तो इस वायरल अटैक पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
क्या हैं लक्षण
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम में कुछ लोग बुखार से पीड़ित हैं। आसपास कहीं स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क न होने के कारण यहां बीमारी फैलने का खतरा बना है। बहरहाल टिमरनी के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.एमके चौरे, डॉ.शैलजा महाजन के साथ टीम ने पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर इलाज दिया। उल्लेखनीय है कि बारिश के मौसम में दूषित पानी व अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करने से ऐसी बीमारियों का प्रकोप हो जाता है। यदि समय पर इनका उपचार हो जाए तो ठीक अन्यथा यह बीमारी भयानक रूप लेने का भी अंदेशा होता है।
टीम भेज रहे हैं
इस बारे में अवगत कराए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एचपी सिंह ने कहा कि हम अभी एक टीम भिजवा रहे हैं। पीड़ित मरीजों की जांच कर उन्हें मौके पर दवा भी दी जाएगी।

