अनोखा तीर, हरदा। शिक्षा विभाग अंतर्गत उच्च पद का प्रभार दिए जाने की कार्यवाही प्रचलित है। इसी क्रम में अब तक व्याख्याता से हाईस्कूल प्राचार्य, हाईस्कूल प्राचार्य से हायर सेकेंडरी प्राचार्य एवं अन्य पदों पर उच्च पद का प्रभार दिए जाने की कार्यवाही की जा रही है। इसी बीच शासन के द्वारा 5 सितंबर को प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला की 755 प्रधानाध्यापकों की सूची जारी कर उन्हें हाईस्कूल प्राचार्य के पद का प्रभार दिए जाने हेतु 6 एवं 8 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारी के उपस्थिति में राज्य स्तरीय काउंसलिंग की गई है। उक्त काउंसलिंग का विरोध करते हुए उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यालय में पहुंचकर मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उन्हें प्रधानाध्यापकों से पहले उच्च पद का प्रभार हाई स्कूल प्राचार्य के रूप में दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रधानाध्यापकों को हाईस्कूल प्राचार्य के उच्च पद के प्रभार दिए जाने में आदेशों का घोर उल्लंघन किया गया है एवं प्रधानाध्यापक इस पद के प्रभार हेतु पात्र ही नहीं है। ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष पूनमचंद्र डंडारी ने यह बातें विस्तार से बताई है। उन्होंने मांग की है कि शीघ्र ही उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रभार हेतु काउंसलिंग की जाए एवं प्रधानाध्यापकों की प्रचलित काउंसलिंग को निरस्त किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्यगण उपस्थित रहे। जिसमें प्रमुख रूप से परमसुख केवट, संतोष यादव, रामकृष्ण गोस्वामी, अजय पाराशर, हेमंत गौर, ओम शंकर महाजन, श्रीमती संगीता श्रीवास, प्रीत गौर, रामनिवास जाट आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
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