आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर के स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय के ठीक सामने का दृश्य है। जहां एक तरफ वन विभाग तो दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग का मुख्य कार्यालय है। बावजूद यहां इस तरह की अव्यवस्था कई सवाल खड़े करती है। क्योंकि इसी मार्ग से जहां अधिकारी-कर्मचारी रोज आना-जाना करते हैं, वहीं स्कूली छात्रों के अलावा कॉलेज के स्टूडेंट भी यही से गुजरते हैं। ऐसे में उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। खासकर वाहनों की आवाजाही दौरान गंदे पानी के छींटे उड़ना लाजमी है। इस बारे में छात्रों ने कहा कि कॉलेज के पुराने गेट के सामने पानी का ढोह भरा रहता है। जिसका स्थायी समाधन किए जाने की जरूरत है। उन्होंनें सवालिया अंदाज में कहा कि जब अधिकारियों के आवास और दफ्तर के आसपास अव्यवस्था है तो अन्य वार्डो का क्या हाल होगा ? वहीं दूरदराज स्थित ग्रामों की समस्या को भी महसूस किया जा सकता है। छात्रों ने जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की बात कही है। इधर, शासकीय कार्यालयों के पास ये हाल देखकर लोग कह ही देते हैं, कि यह बात गलत है।

