एक माह से दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही थी बुदनी-संदलपुर नेशनल हाईवे सडक़
भैरूंदा। बरसात के चलतें पिछले कई माह से जर्जर हो रही सडक़ की सुध मुख्यमंत्री के आते ही जिले के अधिकारियों ने ली। एक तरफ सीएम गोपालपुर कृषि उपज मंडी में जनता को संबोंधित कर रहे थे तो दूसरी और गोपालपुर से भैरूंदा के बीच सडक़ की मरम्मत का कार्य चल रहा था। अचानक शुरु हुए इस काम को देखकर ग्रामीण भी चुटकी लेते हुए नजर आए। कई ग्रामीण यह कह रहे थे कि शिवराज मामा बार-बार आए तो सडक़ की देखरेख होती रहेगी। अधिकारियों ने आनन-फानन में गोपालपुर से लेकर कार्यक्रम स्थल तक ना केवल सडक़ो के गड्डे भरे बल्कि नई सडक़ ही बना दी। उल्लेखनीय हैं कि बुदनी से लेकर संदलपुर तक नेशनल हाईवे घोषित हो चुकी सडक़ दुर्घटनाओं को आमंत्रण देती चली आ रही थी। इस सडक़ मार्ग पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में ओवर लोडेड वाहनों के आवागमन के कारण यह सडक़ गड्डों में तब्दील हो चुकी थी। रात्रिकालीन समय में यहां आए दिन वाहन दुर्घटनाएं होना आम हो चुकी थी। मीडिया द्वारा बार-बार इस मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद भी विभागीय अधिकारी सडक़ की सुध नहीं ले रहे थे। इसी बीच अचानक गोपालपुर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय हो जाने से आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों ने सडक़ की मरम्मत शुरु कर दी। स्थिति यह रही कि मुख्यमंत्री का गोपालपुर से लेकर कार्यक्रम स्थल तक लगभग एक किमी. का रोड शो होने के कारण अधिकारियों ने यहां नई सडक़ का ही निर्माण कर दिया। वहीं गोपालपुर पेट्रोल पंप से लेकर भैरूंदा तक हजारों की संख्या में सडक़ो पर पडे गड्डो को भरने का कार्य शुरु कर दिया। सीएम ने मंच से कहा कि नेशनल हाईवे सडक़ स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन निर्माण के लिए केंद्र से राशि प्राप्त नहीं हो पाई हैं। ऐसी स्थिति में जनता की तकलीफ को ध्यान में रखते हुए मैंने आदेश दिए हैं कि राज्य सरकार सडक़ की मरम्मत कराएगी। इसमें पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी।
सवा तीन करोड़ के बॉक्स ब्रिज की मरम्मत में की खानापूर्ति
पिछले डेढ़ वर्ष पूर्व पांडागांव स्थित सीपनदी पर बनाये गए सवा तीन करोड़ की लागत से बॉक्स ब्रिज का घटिया निर्माण पहली ही बरसात में उजागर हो गया था। इस दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा मरम्मत के नाम पर रस्म अदायगी कर इतिश्री कर ली थी। लेकिन इस वर्ष भी लगातार बरसात से बॉक्स ब्रिज के सरिये निकल आए और ब्रिज में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्डे हो चुके थे। जिसकी शिकायत के बाद भी मरम्मत का काम शुरु नहीं किया गया था। लेकिन सीएम के आगमन से ठीक एक घंटे पूर्व यहां विभागीय अधिकारियों ने आनन-फानन में ब्रिज की मरम्मत के नाम पर फिर रस्म अदायगी की। बॉक्स ब्रिज में सीमेंट ना डालते हुए कोपरा डालकर गड्डे भर दिये गए, जो बरसात होने पर पुन: वाहन चालकों की मुसीबत बड़ाएंगे।

