अनोखा तीर, हरदा। जिले में मूंग उपार्जन हेतु 49 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए है। सभी उपार्जन केन्द्रो पर सेवा सहकारी समिति, एफपीसी अथवा स्व सहायता समूह के माध्यम से मूंग उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर नाफेड द्वारा अनुबंधित एनसीएमएल कंपनी के सर्वेयरों को एफएक्यू हेतु नियुक्त किया गया है। जिला उपार्जन समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। विगत दिनों शाखा प्रबंधक, म.प्र. वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन, शाखा सुल्तानपुर में 7 मूंग उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हंै। यहां के शाखा प्रबंधक द्वारा पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि, यहां उपार्जन केन्द्रो पर कुछ मात्रा में एफएक्यू मानक अनुसार नही होने पर भी मूंग का उपार्जन किया गया है, ऐसी आशंका है। शाखा प्रबंधक द्वारा दी गई सूचना को संज्ञान में लेकर कलेक्टर ऋषि गर्ग के निर्देशानुसार, अपर कलेक्टर द्वारा एक जांच दल गठित किया गया, जिसमें सहायक संचालक कृषि संजय यादव, नाफेड के क्षेत्रीय अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, सर्वेयर सुपरवायजर अनिल झारियां, विपणन संघ के क्षेत्रीय सहायक अनुपम काशिव, जिला प्रबंधक वेयर हाउस कार्पोरेशन पवन बेनल एवं शाखा प्रबंधक नरेन्द्र मंडलोई को सम्मिलित किया गया। इस जांच दल को 2 दिवस मे अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया, समयावधि में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें 7 में से 6 समितियों के 1-2 स्टैक में एफएक्यू मानक स्तर अनुसार मूंग नही पाया गया। इसमें विश्लेषण के आधार पर फॉरेन मेटर एवं दाल-क्षतिग्रस्त दानों का प्रतिशत मानक स्तर से अधिक पाया गया। इस जांच रिपोर्ट को जिला उपार्जन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिला उपार्जन समिति द्वारा सभी पहलुओं जैसे मूंग की गुणवत्ता, किसानों का भुगतान समय पर हो आदि को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर श्री गर्ग की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी 6 उपार्जन केन्द्र के प्रबंधको को निर्देशित किया जाए कि जिस स्टैक में एफएक्यू मानक स्तर अनुसार मूंग नहीं पाया गया है, उसे अधिकतम 7 दिवस में अपग्रेड करे। अपग्रेड उपरांत जांच दल द्वारा पुन: एफएक्यू मानक के आधार पर नमूने लेकर विश्लेषण किया जाएगा। बैठक में 6 उपार्जन केन्द्रों के प्रबंधकों पर कड़ी कार्यवाही करने का निर्णय लेते हुए 25 हजार रुपये का अर्थदंड प्रत्येक समिति प्रबंधक पर अधिरोपित करने हेतु सहायक आयुक्त सहकारिता को निर्देशित किया गया। साथ ही अर्थदंड की राशि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अन्य प्राप्तियां मद में चालान द्वारा तत्काल जमा कर चालान की प्रति प्रस्तुत करने हेतु निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए। यह भी निर्देश दिए गए कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर निलबिंत कर कड़ी से कड़ी विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। उपार्जन समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि एनसीएमएल कंपनी एवं इनके द्वारा प्रदाय सर्वेयर को प्रतिबंधनात्मक कार्यवाही हेतु नाफेड के स्टेट हेड को अवगत कराने हेतु पत्र प्रेषित किया जाए। कलेक्टर श्री गर्ग ने जिला उपार्जन समिति के सभी सदस्यों को निर्देशित किया कि लगातार उपार्जन केन्द्रो का निरीक्षण करे एवं आवश्यकतानुसार पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों का सहयोग लिया जाएं। विकासखण्ड स्तरीय उपार्जन समिति के अध्यक्ष, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भी निरीक्षण की सूचना दें।
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