चीतों पर छाए मौत के संकट की घड़ी में मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक चौहान को हटाया

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जेएस चौहान और असीम श्रीवास्तव

गणेश पांडे, भोपाल। कूनो नेशनल पार्क श्योपुर में लगातार हो रही चीतों की मौत के चलते मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक जेएस चौहान को अचानक हटा दिया गया। उनकी जगह पीसीसीएफ उत्पादन के असीम श्रीवास्तव को नया मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक बनाया गया। 1987 बैच के आईएफएस चौहान सितंबर माह में रिटायर होने जा रहे थे। उनके अचानक हटाए जाने से एमपी कैडर के आईएफएस अफसर स्तब्ध हैं। मध्यप्रदेश कैडर के आईएफएस अफसरों में चौहान इकलौते ऐसे एफएफएस है, जिन्हें वन्य प्राणी का सबसे तजुर्बेकार अफसर माना जाता है। चौहान को पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ से हटाए जाने को लेकर कई सीनियर आईएफएस अफसरों का कहना है कि यदि कूनो नेशनल पार्क में हो रही चीता की मौत के कारण चौहान को हटाया गया है तो फिर सेंट्रल स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन राजेश गोपाल, एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव, फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा और डीएफओ प्रकाश वर्मा को भी हटाया जाना चाहिए था, चीता के मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे तौर पर इन्हीं अफसरों पर है। मुख्य वन्य अभिरक्षक चौहान तो केवल पोस्टमैन की भूमिका थे रहे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीकन चीता सूरज की मौत कॉलर रगड़ने और जख्म पर कीड़े पड़ने से हुई, इसकी पुष्टि भी जेएस चौहान ने नहीं की। कई नेशनल और इंटरनेशनल अखबारों में सेंट्रल स्टेरिंग कमेटी के अध्यक्ष राजेश गोपाल के बयान को कोड करते हुए सूरज की मौत कॉलर आईडी के कारण होने खबर प्रकाशित की गई है। जबकि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने चीता सूरज की मौत स्वाभाविक माना है।

एनटीसीए के सदस्य सचिव से नहीं बैठ रही थी पटरी

मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक पद से चौहान को हटाए जाने का एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव से उनकी पटरी नहीं बैठ रही थी। चीता को लेकर पीसीसीएफ वन्य प्राणी चौहान ने आधा दर्जन से अधिक चि_ियां एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव को लिखी है। चौहान के लिखे गए पत्रों में से एक का भी जवाब एनटीसीए द्वारा नहीं दिया गया। 2 दिन पहले ही चौहान ने चीता के मसले को लेकर टेक्निकल पत्र लिखे थे। सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक रसूख के चलते यादव को एनटीसीए का सदस्य सचिव बना दिया गया है। जबकि वे इस पद के लिए निर्धारित योग्यता नहीं रखते है। उनकी पदस्थापना को लेकर जेएस चौहान ने कैट में चुनौती दे रखी है। इसी मसले को लेकर दोनों में लंबे समय से विवाद चल रहा है।

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