‘मैं’ की भावना से ऊपर उठकर लोकमंगल और पर्यावरण संरक्षण के लिए करें कार्य : केंद्रीय मंत्री श्री उईके

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माचना नदी घाट पर हुआ सामूहिक श्रमदान एवं पौधरोपण

       विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून के अवसर पर जिले में पौधरोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में माचना नदी के दामादैय्यत घाट पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर तथा कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे की उपस्थिति में सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

          कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने माचना नदी की प्रतीकात्मक साफ-सफाई कर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश दिया। साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

          केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है और आज का दिन आत्मचिंतन एवं आत्ममंथन का अवसर प्रदान करता है। हमारी प्रकृति ही जीवनदायिनी माँ है, जिसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नदी, पेड़, जल, वायु और प्रकृति के अन्य तत्व मानव जीवन से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से ‘मैं’ की भावना से ऊपर उठकर लोकमंगल एवं प्रकृति संरक्षण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

          जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने कहा कि हमारी संस्कृति एवं परंपराएं सदैव प्रकृति से जुड़ी रही हैं। भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही प्रकृति पूजन की परंपरा रही है, किंतु वर्तमान समय में समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति पुनः जागरूक करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाए तथा ऐसे अवसरों पर अपने दायित्वों का पुनरावलोकन करे। उन्होंने सभी से माचना नदी को सदानीरा एवं स्वच्छनीरा बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

         कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि माचना नदी को स्वच्छ एवं अविरल बनाने के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से नदी की शुद्धता बनाए रखने के साथ जलप्रवाह को भी निरंतर बनाए रखने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जनभागीदारी की प्रक्रिया है। सभी के समन्वित प्रयासों से जिले में पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को निरंतर संचालित किया जाएगा।

           कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि हरियाली विहीन पहाड़ियों को चिन्हित कर उन्हें हरित क्षेत्र में विकसित करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। उन्होंने  नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

          इस अवसर पर एसडीएम बैतूल डॉ अभिजीत सिंह, सीएमओ बैतूल श्री नवनीत पांडे, तहसीलदार बैतूल श्रीमती पूनम साहू, जिला परियोजना समन्वयक जन अभियान परिषद श्रीमती प्रिया चौधरी, श्री विकास मिश्रा, श्रीमती रश्मि साहू, श्रीमती शोभा नीरापूरे, श्रीमती ममता मालवीय, ब्रांड एम्बेसडर श्रीमती नेहा गर्ग सहित अन्य समाजसेवी, पर्यावरणविद एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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