खंडवा- शहर के अति प्राचीन महादेव गढ़ मंदिर पर श्रावण माह के पहले सोमवार माता बहनों का जनसैलाब उमड़ा। शहर के अति प्राचीन मंदिर होने के कारण प्रात: काल से ही रात्रि काल तक दिनभर मातृशक्ति का यहां पूजन करने का सिलसिला जारी रहा। पुजारी पंडित अश्विन खेड़े ने बताया कि श्रावण माह की दिव्य अवसर पर यहां पर भव्य आयोजन किया जा रहा है जिनके अंतर्गत ब्राह्मणों के द्वारा करोड़ों ओमकार मंत्र के जाप एवं तीन लाख से अधिक रुद्राक्ष के ऊपर वैदिक मंत्रों से रुद्राक्ष को अभिमंत्रित किया जा रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से माताओं के द्वारा शिव पार्थेश्वर पूजन किया जा रहा है एवं उनका का विसर्जन भी किया जा रहा है। साथ ही श्रावण माह के महा अनुष्ठान के अंतर्गत यहां पर अभिषेक आत्मक महा रूद्र अभिषेक भी चल रहा है जिनमें तीन सत्र में भगवान शिव का अभिषेक संपन्न किया जा रहा है।
महादेवगढ़ मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल के अनुसार प्राचीन शिव मंदिरों में पूजन अभिषेक करने का महत्वपूर्ण फल प्राप्त होता है एवं हमारा ये अनुष्ठान भारत हिंदू राष्ट्र हो एवं भारत की अखंडता के लिए किया जा रहा है। इस महा अनुष्ठान के माध्यम से हम भारत की अखंडता एवं शीघ्र हिंदू राष्ट्र बने इन्हीं विचारों को समाज जागरण के माध्यम से समाज में पहुंचा रहे हैं। 2014 से चल रहे इस वैचारिक अनुष्ठान के कारण ही आज बड़े-बड़े कथावाचक भी भारत हिंदू राष्ट्र बने एवं अखंड हो समाज जागरण का शंखनाद कर रहे हैं। मंदिर समिति का अतुल अग्रवाल ने बताया कि यह अनुष्ठान 2 माह चलेगा। साथ ही सावन के पहले सोमवार पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से रामनगर आदि क्षेत्रों से मातृ शक्ति के द्वारा शिव पार्थेश्वर का निर्माण पूजन किया। सायंकाल भगवान शिव का विशेष श्रृंगार एवं आरती की गई एवं प्रसादी वितरण किया गया।
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