लग सकता है एक सप्ताह का समय
भैरुंदा। 12 जून से सरकार को ई-उपार्जन केन्द्रों पर मूंग की खरीदी की जाना थी। लेकिन तकनीकी खामियों के कारण स्लाट की बुकिंग नही होने से किसान परेशान है और वह अपनी उपज नही बेच पा रहे है। भोपाल के अधिकारियों की माने तो इसमें अभी एक सप्ताह का समय और लग सकता है। ऐसी स्थिति में ई-उपार्जन केन्द्रों पर एक साथ किसानों की भीड़ उमडऩा तय है। हालांकि सरकार के द्वारा 12 जून से 30 जुलाई तक खरीदी किए जाने की तिथि तय की थी। लेकिन 20 दिन का समय बीतने के बावजूद भी खरीदी का अनुपात उस स्तर पर नही पहुंच पाया है। इसका सबसे बड़ा कारण स्लाट बुकिंग नही होना है। दूसरी और जिन किसानों के द्वारा बिना स्लाट बुकिंग के ही अपनी उपज वेयर हाऊस में तौल दी है उनके बिल बनने पर भी संशय के बादल है। इस मामले में कृषि विभाग ने भी पल्ला झाड लिया है और इस समस्या को भोपाल स्तर की बताया है। ज्ञातव्य हैं कि ई-उपार्जन योजना के तहत समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी का समय शासन द्वारा 12 जून से 31 जुलाई तक तय किया गया हैं। लेकिन केंद्र स्थापित ना होने के चलतें क्षेत्र में मूंग खरीदी दौर 20 जून से शुरु हुआ था। इस दौरान किसानों द्वारा मूंग बेचने के लिए जब स्लाट बुक की गई तो साइड ही काम नहीं कर रही थी। तीन दिन के इंतजार के बाद जैसे-तैसे साइड शुरु हुई तो यहां किसान द्वारा विक्रय की जाने वाली मूंग की मात्रा प्रदर्शित नहीं हो पा रही। ऐसे में किसान स्लाट बुक नहीं कर पा रहे हैं। इधर कई वेयर हाऊस संचालकों द्वारा स्लाट बुक ना होने के बाद भी केंद्रों पर ऑफलाईन मोड पर खरीदी करते हुए हजारों क्विंटल मूंग खरीद लिया। जब सर्वेयर केंद्र पर पहुंचे तो उन्होंने अपनी गैर मौजूदगी में की गई खरीदी को रिजेक्ट करते हुए पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया, इसके बाद खरीदी का कार्य प्रभावित हो गया।
कई बार किए जा चुके है पत्राचार
कृषि विकास अधिकारी व्हीएस राज ने बताया कि हमारे द्वारा स्लाट बुकिंग न होने की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराई जा चुकी है। जिलास्तर से भी भोपाल स्तर पर पत्राचार किया जा चुका हैं।
जिन किसानों का डाटा ऑनलाईन हैं उनकी हो रही स्लाट बुकिंग
एनआईसी भोपाल के अधिकारी ए बर्गीश ने बताया कि कृषि विभाग ने सैटेलाईट डाटा वेरीफिकेशन कराया है, जिन किसानों का डाटा पोर्टल पर दिखाई दे रहा हैं उनके स्लाट बुक हो रहे है, जिनके नहीं दिख रहे हैं वह एक सप्ताह में दिखाई देने लगेगें। एक साथ डाटा दिखाई देने पर केंद्रों पर भीड़ लगना शुरु हो जाएगी। यदि किसी किसान की गलत स्लाट बुक हुई हैं वह उसे डिलीट कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह समस्या संपूर्ण प्रदेश में आ रही है, जो एक सप्ताह में दूर हो जायेगी।
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