खंडवा- भक्तों की असीम आस्था का केन्द्र दादाजी धाम पर तीन दिवसीय गुरू पूर्णिमा उत्सव शुरू हो गया है। दूर-दूर से भक्त दादाजी धाम निशान लेकर पहुंच रहे हैं। रात तक निशान अर्पित करने का आखरी दिन होने से पांर्ढुना और बैतूल से आए भक्तों के साथ शहर के अनेक भक्तों ने निशान यात्रा निकालकर दादाजी मंदिर पहुंच निशान अर्पित किए। दादाजी धाम पर गुरू पूर्णिमा पर्व उत्साह से मनाया जाएगा। इस लाखों भक्त अपने अवधूत संत श्री दादाजी महाराज के दर्शन को उमड़ेंगे। प्रशासन ने भी सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली है। इस बार सीसी टीवी एवं ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है। शहर में जगह-जगह दादाजी भक्तों के नि:शुल्क भंडारे भी शुरू हो गए है जो दो दिनों तक लगातार जारी रहेंगे। पूरा शहर मेहमानों की मेहमानवाजी में लग गया है।
बारिश में भी नहीं रूके कदम

सुबह से ही बादल छाए और रूक-रूक कर दिन भर बारिश होती रही। दादाजी भक्त रिमझिम बारिश में भजलों दादाजी का नाम, भजलो हरिहर जी के नाम के जयकारों के साथ पैदल निशान लेकर दादाजी के दर्शन करने पहुंचे। वैसे भक्तों के आने का सिलसिला तो पिछले तीन दिनों से जारी है लेकिन आज मुख्य दिवस गुरूपूर्णिमा पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा। लाखों भक्त देश के कोने-कोने से दादाजी दरबार पहुंचेंंगे और यहां स्थित बड़े दादाजी स्वामी केशवानंद जी महाराज एवं छोटे दादाजी हरिहर भोले भगवान की समाधि पर शीश नवाएंगे। साथ ही बड़े दादाजी द्वारा प्रज्जवलित की गई धूनी में आस्था के नारियल अर्पित करेंगे।
भक्तों के लिए लगे भंडारे

नंगे-नंगे पैर लोग दादाजी धाम निशान लेकर पहुंचने लगे हैं। सारे शहर में जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जा रहे है। जो दो दिनों तक लगातार चलेंगे। दादाजी की ही लीला है कि शहर में गुरूपूर्णिमा पर बाहर से आने वाले श्रद्घालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं होती। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैण्ड से ही दादाजी धाम पहुंच मार्ग तक शहरवासी पलक पावड़े बिछाये हुए भक्तों का स्वागत अपनी श्रद्घा अनुसार करते हंै। एक दिन पूर्व ही भक्तों के लिए भंडारों के आयोजन शुरू हो गए। नास्ता, चाय, भोजन एवं फलाहार के साथ दाल-बाटी, चुरूमा, इडली, खिचड़ी, मूंग की हलवा, पुडी-सब्जी तक की व्यवस्था सहित वाहन व्यवस्था भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
व्यवस्था में लगा प्रशासन

जिला व निगम प्रशासन भी सारी व्यवस्थाओं को लेकर पिछले एक सप्ताह से लगा हुआ है। बाहर से भी पुलिस बल बुलवाया गया है जो अपने आप में आगाध आस्था के साथ शहरवासियों के साथ शहर की व्यवस्थाओं को संभालने में लगा हुआ है। सरकारी कर्मी भी व्यवस्थाएं बनाने में जी-जान से जुटे हुए है। भक्त श्रद्घा से झुमते हुए दादा दरबार पहुंच रहे हैं।
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