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Sunday, 25 October 2026
खंडवा

अपने गुरु के चरणों में नमन करने पहुं पहुंचेंगे आज लाखों की संख्या में दादा जी भक्त

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खंडवा- मन और अच्छे भाव से गुरु की भक्ति भी परमात्मा की भक्ति है। अपनी चमत्कारी लीलाओं के माध्यम से दादाजी धूनीवाले की पहचान है। मां नर्मदा के भक्त गौरी शंकर महाराज के शिष्य दादाजी धूनीवाले और छोटे दादा जी हर हर भोले भगवान की समाधि दादाजी धाम पर स्थापित है। शहरवासियों के साथ देश भर के श्रद्धालु दादा के चरणों में नमन कर मत्था टेक कर अपने परिवार के कल्याण के लिए धुनी माई में आहुती  पेश करते हैं। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि देश का यह पहला दादाजी धाम मंदिर है जहां  24 घंटे भक्तों के लिए द्वार खुले रहते हैं ।गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तीन दिनों तक यहां उत्सव का माहौल रहता है बड़ी संख्या में  शहर वासियों के साथ ही पूरे देश भर के श्रद्धालु पूर्णिमा के अवसर पर दादा जी को नमन करने पहुंचते हैं। वैसे इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 3 जुलाई को है लेकिन दादाजी धाम पर उदया तिथि के कारण  गुरु पूर्णिमा का महोत्सव मनाया जाएगा ।प्रतिदिन की भांति प्रातः 4:00 बजे से पूजा अर्चना शाम 3:00 बजे समाधि की सेवा भक्तों द्वारा की जाती है।  रात्रि 8:00 बजे पूर्णिमा की महा आरती का आयोजन होगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होंगे। दादाजी धाम पर दर्शन करने के लिए  छोटे दादा जी द्वारा जो नियम नियम बनाए गए हैं  उसी परंपरा के अनुरूप यहां श्रद्धालु दर्शन करते हैं।

नियमानुसार यहां तक भी लिखा गया है कि दादाजी को ना मानने वाले मंदिर में प्रवेश ना करें। दादाजी धाम व्यवस्था समिति के साथ ही जिला एवं पुलिस प्रशासन नगर निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए अपनी व्यवस्थाएं जुटा ली है। विगत 2 दिनों से ग्रामीण वासी एवं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से निशान लेकर  दादाजी भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं
शनिवार को भी शहर के लगभग 100 क्षेत्रों से महिला मंडल एवं दादाजी भक्त हाथों में निशान लेकर भज लो दादाजी का नाम भज लो हरि हरि का नाम का उद्घोष करते हुए दादाजी धाम पहुंचे। सुनील जैन ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर हाथों में निशान लेकर दादाजी धाम पहुंचते हैं यह सिलसिला शुरू हो  चुका है। पांढुर्ना बेतूल जामनेर जलगांव व अन्य स्थानों से श्रद्धालु खंडवा पहुंच चुके हैं। शहर में  200 से अधिक स्थानों पर बाहर से आने वाले दादाजी भक्तों के लिए सभी प्रकार के व्यंजनों के स्टाल लग चुके हैं दादा जी भक्तों की सेवा के लिए शहर वासी आतुर हे।

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