खंडवा- हरसूद की 19 वीं बरसी के मौके पर हरसूद वासियों ने एक मार्मिक पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा है जिसमें विस्थापितों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि हरसूद डूब जाने के 19 साल बाद भी हरसूदवासी अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। नया हरसूद में मप्र सरकार के मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद भी आज तक भूमि स्वामी अधिकार पत्र का वितरण नहीं हुआ है। नया हरसूद में बेरोजगारी की समस्या व्याप्त है। यहां उद्योगों की स्थापना होना चाहिए। विकास योजना 2011 का क्रियान्वयन नहीं हुआ। हरसूद का नामो निशान मिटा दिया गया है। रेलवे स्टेशन का नाम छनेरा रेलवे स्टेशन रख दिया गया है। स्टेशन का नाम नया हरसूद – छनेरा किया जाए।
करीब 2004 में इंदिरा सागर बांध का निर्माण हुआ उसके बाद ओंकारेश्वर बांध का निर्माण हुआ। परंतु इंदिरा सागर परियोजना के प्रभावितों के साथ भेदभाव किया गया। इंदिरा सागर परियोजना के प्रभावितों को पुनर्वास नीति का लाभ नहीं मिला। पुनर्वास नीति के अनुसार भूखंडों के समतलीकरण की राशि दी जाना चाहिए वह नहीं दी गई। आवासीय भूखंड की तरह अन्य भूखंडो का भी मालिकाना हक दिया जाए। छोटे-छोटे उद्योग एवं बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाना चाहिए। विस्थापित संघ के अध्यक्ष रमेशचंद बंसल, चंद्रकुमार सांड, अनुराग बंसल, चंद्रजीत सिंह, मनोज पाराशर, विवेक जैन, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद प्रदेश अध्यक्ष प्रमिला शर्मा, इंदिरा बंसल, मनोरमा अग्रवाल, संजय दीक्षित, पवन शर्मा, राजेन्द्र अग्रवाल, महेश गर्ग आदि के हस्ताक्षरयुक्त पत्र प्रधानमंत्री को भेजा गया।
संघ के अनुराग बंसल ने बताया कि नए हरसूद की 19 वीं बरसी पर खिरकिया, खंडवा आदि जगह से विस्थापित पुराने हरसूद पहुंचेंगे। यहां एकमात्र शेष रहे खेड़ापति हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रसादी वितरण होगा। उसके बाद पुराने हरसूद में यादें ताजा करेंगे।
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