अनोखा हरदा। मौसम परिवर्तन के साथ ही आम जनमानस को गर्मी एवं तीखी उमस से निजात मिला है। वहीं मौसम में आए बदलाव के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी दिखी है। अस्पताल के प्रवेशद्वार स्थित ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी थी। इनमें अधिकांश वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम के मरीज थे। जिनकी चिकित्सकों ने जांच कर उन्हें उचित सलाह दी। साथ बुखार सहित अन्य मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को भर्ती कर लिया है। ओपीडी से मिली जानकारी क अनुसार मंगलवार को यहां सामान्य दिनों से अधिक मरीज पहुंचे हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मौसम में बदलाव खासकर गर्मी और बारिश शुरूआत में मामूली बीमारियों का दौर रहता है। जो यह संकेत है कि बरसात के दिनों में खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाएं। तला हुआ अथवा बाहरी खाद्य सामग्री से परहेज करना ही बेहतर है। इसके अलावा शुद्ध पेयजल का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।
लापरवाही कतई ना बरतें
चिकित्सकों ने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। वहां बीमारी की जांच कराएं। इसमें जरा भी लापरवाही ना बरतें। मौसम बदलने पर सिरदर्द, बुखार एवं सर्दी-जुकाम आम बात है।
डॉक्टर की सलाह जरूरी
यह भी कहा कि बारिश के दिनों घर का ताजा भोजन खायें। वहीं कमजोरी महसूस होने पर तुरंत जांच कराएं। साथ ही यह ध्यान रखें कि डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवाएं लें। इसके अलावा फल तथा हरी सब्जियों का सेवन जरूर करें।
इनका कहना..
मौसम परिवर्तन दौरान सामान्य बीमारियां आम बात है। बावजूद स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर खान-पान एवं शुद्ध पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा बारिश के दिनों में तला हुआ तथा पेकिंग वाली खाद्य सामग्री से दूरी बनाने की बात कही है।
डॉ मनीष शर्मा, सिवल सर्जन
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