जैन धर्म के अष्टान्हिका पर्व 26 से, 3 जुलाई को निकलेगी रथयात्रा

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खंडवा- जैन धर्म में दो पर्वों का विशेष महत्व है। पर्यूषण एवं अष्टान्हिका महापर्व। इन पर्वों को सामाजिक बंधु महोत्सव के रूप में मना कर पूजा अर्चना, मंडल विधान, अभिषेक, शांतिधारा कर पुण्य प्राप्त करते हैं। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि 26 जून  से 3 जुलाई तक अष्टान्हिका महापर्व का आयोजन खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिर भक्ति भाव से आयोजित होगा। मुख्य कार्यक्रम सर्राफा स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं सराफा धर्मशाला में आयोजित होंगे। सौभाग्य का विषय है कि इस पर्व के दौरान श्रमण संस्कृति सांगानेर के विद्वान कवि हृदय विधानाचार्य अनेकांत शास्त्री धर्म की प्रभावना करेंगे।

पर्व के दौरान प्रतिदिन  प्रात: 8 से 9 बजे तक शास्त्रीजी के मांगलिक प्रवचन, प्रात: 9.30 बजे से जिनेंद्र भक्ति, नित्य नियम पूजा, भगवान का अभिषेक एवं विश्व शांति एवं सभी के कल्याण के लिए शांतिधारा की जाएगी। सर्राफा मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से तेरह दीप मंडल विधान की पूजा एवं शाम 7 बजे जिनेंद्र भक्ति एवं आरती एवं रात्रि में 8 से 9 तक शास्त्रीजी के मंगल प्रवचन सर्राफा धर्मशाला में होंगे। पर्व के समापन पर 3 जुलाई को दोपहर में जिनेंद्र भगवान की विशाल रथ यात्रा निकाली जाएगी।

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