जिले में ऐसे अनेकों महिला-पुरूष, युवा व बुजुर्ग हैं, जिनकी जिंदगी को योग ने बदला है। योग से जहां शारीरिक विकारों का खात्मा हुआ, वहीं स्वस्थ शरीर के साथ लंबी उम्र का मार्ग प्रशस्त किया है। यहां तक की योग के माध्यम से खुद को समझने का मौका भी मिला है। ऐसे ही चुनिंदा लोगों की जुबानी योग का महत्व समझा तो मालूम हुआ कि इसके इतने फायदे हैं कि ये व्यक्ति के जीवन में व्यापक बदलाव ला सकता है। इसी को लेकर पढ़े अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दैनिक अनोखा तीर की यह रिपोर्ट।
अनोखा तीर, हरदा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बुधवार को हमनें ऐसे लोगों से बातचीत की है, जिन्होंने योग से जुड़कर अपने जीवन में व्यापक बदलाव महसूस किया है। साथ ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिला है। इतना ही नही, जटिल रोगों पर नियंत्रण पाने में योग बहुउपयोगी साबित हुआ है। योग को करीब से समझने वालों में शहर के वार्ड क्रमांक 8 में रहने वाली 85 वर्षीय वयोवृद्ध महिला रामश्री बाई शामिल हैं। जो महिने दो महिने नही बल्कि 20 साल से नियमित योग कर रही हैं। इसका फायदा यह कि उन्हें तमाम रोगों से निजात मिला है। वे पूरी तरह स्वस्थ होने के साथ साथ सामाजिक, धार्मिक तथा पारिवारिक कार्यो में उनकी सहभागिता बराबर बनी हुई है। चर्चा दौरान उन्होंनें बताया कि पहले सिरदर्द, आंख और पेट संबंधी शिकायतें रहती थी। मगर योग अपनाने के बाद से ही काफी राहत मिली है। जिसके चलते योग उनकी दिनचर्या में शामिल हो चुका है। हर रोज सुबह 5 बजे उठकर कपानभांति, अलोम-विलोम, ओम का लंबा जाप तथा प्राणयाम करती हैं। परिवारजनों का कहना है कि अब घर के 4-5 सदस्य नियमित योग करते हैं। इसी तरह शहरी क्षेत्र के अलावा दूरदराज ग्रामों में भी बड़े-बुजुर्ग , महिला एवं युवाओं का योग की ओर रूझान बढ़ा है। जिसके चलते लोगों को डायबिटीज, बीपी, ब्लड़ प्रेशर, मोटापा और थायराइड सहित अन्य रोगों से आराम मिला है।
योग ! रोग से लड़ने का सरल उपाय
21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस। यह मौका जन-जन को योग, आयुर्वेद व स्वस्थ दिनचर्या के प्रति जागरूक करने का दिन है। क्योंकि, देश व दुनिया में योग जटिल से जटिल रोगों से लड़ने के लिये सबसे सरल उपाय बनकर उभरा है। यही कारण है कि दिनों दिन लोग योग की ओर बढ़ रहे हैं। खासकर कोरोना काल के बाद से योग करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस संबंध में योग विशेषज्ञों का कहना है कि योगा वैज्ञानिक प्रमाणिक एक ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसके लिए न तो ज्यादा साधनों की जरुरत होती है और न ही अधिक खर्च करना पड़ता है। इसलिए पिछले कुछ सालों से योगा की लोकप्रियता तथा इसके नियमित अभ्यास करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
– 15 से 20 किलो वजन घटा

शहर की बाहेती कालोनी में रहने वाले २२ वर्षीय प्रकाश शर्मा ने कहा कि करीब एक साल पहले शरीर का वजह 80 से 85 किलो हो गया था। जिसके कारण शारीरिक समस्या बढ़ने लगी। जिससे निजात पाने के लिये योग करना शुरू किया। अब मेरा वजह ६५ से ७० किलो के मध्य है। योग अपनाने से शरीर स्वस्थ्य व हल्का महसूस होता है।
– योग स्वस्थ शरीर की सही राह

शहर के गोलापुरा निवासी प्रेमश्ंाकर पांडे ने कहा कि योग एक ऐसी व्यायाम पद्धति है, जिसके फायदे ही फायदे है। खासकर संतुलित शरीर तथा रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हर दिन एक घंटा योग करता हूं। पहले की तुलना शुगर कंट्रोल में रहती है, वहीं एलर्जी की समस्या से भी पिजात मिला है।
– सभी अपनाएं योग अभ्यास

वयोवृद्ध रामश्री बादर ने कहा कि उम्र के एक पड़ाव से जीवन में नियमित योग एक बेहतर कदम है। मैं लगभग 20 साल से योग कर रही हूं। जिससे एक विशेष ऊर्जा के साथ हर दिन की शुरूआत होती है। योग से सिरदर्द तथा आंख और पेट संबंधी शिकायतों का निदान हुआ है। योग सबसे सरल व्यायाम है, इसे सभी अपनाएं।
– कोरोना काल से अपनाया योग

समाजसेवी वर्षा गोयल ने कहा कि कोरोना काल के समय से योग अपनाया है। जबसे नियमित योग जारी है। हर रोज आधा-पौन घंटे योग करने से पूरे दिन स्फूर्ती रहती हैं, वहीं आलस्य मानो कोसों दूर रहता है। इसके अलावा कामकाज दौरान थकान नही लगती है। स्वस्थ्य एवं संयमित शरीर के लिये योग ही सबसे बेहतर है।
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