खंडवा- आज के आधुनिक युग में बच्चों एवं युवा पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ ही धर्म और संस्कृति का अध्ययन कराना भी अत्यंत जरूरी है। धर्म और संस्कृति से दूर होने पर बच्चे संस्कारवान नहीं बनेंगे। बच्चों को अच्छा संस्कारवान बनाने के लिए धर्म की शिक्षा का ज्ञान जरूरी है। युवा पीढ़ी भारत देश का भविष्य है। अच्छे संस्कारों के साथ भारत के निर्माण में हमारी पीढ़ी योगदान दे सकती है।
यह उद्गार राष्ट्रीय चेतना यात्रा लेकर निकले महामंडलेश्वर योगी हितेश्वरनाथ महाराज ने सत्संग के दौरान व्यक्त किए। महाराज ने कहा कि हमारे हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र बनाना हम सब का कर्तव्य है। सनातन धर्म की रक्षा के साथ गौ माता की रक्षा एवं सुरक्षा हम सबका दायित्व है। मैंने स्वयं उच्च शिक्षा प्राप्त की लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर पूरे देश में धर्म और संस्कृति का जागरण करने निकला हूं। महाराज जी ने कहा कि बच्चों को पांच वर्ष की उम्र से सूर्य देवता और भोले बाबा को को जल चढ़ाने, हनुमान चालीसा का पाठ, मंदिरों के दर्शन करना सिखाए ताकि बच्चे संस्कारवान बन सके। बच्चे बड़े होने पर दोस्तों की सुनते हैं यदि दोस्त अच्छा मिले तो ठीक अन्यथा बुराई के मार्ग पर चले जाते हैं। महाराज श्री ने तीर्थ स्थानों पर भगवत कराने का महत्व बताया।

उन्होंने कहा जहां दादाजी धुनी वाले विराजे हैं वहां के वासी भाग्यशाली है। दादाजी की कृपा से कभी खण्डवा का अनिष्ट नहीं होगा। उन्होंने आदिपुरूष फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान राम और सीता के चित्रण को गलत तरीके से प्रकाशित करने वाली आदि पुरुष फिल्म पर प्रतिबंध तत्काल लगना चाहिए।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि महाराज श्री रात्रि खंडवा पहुंचे। प्रात: दादाजी धूनीवाले आश्रम पहुंच बड़े दादाजी, छोटे दादा जी के दर्शन कर सभी की सुख समृद्धि खुशहाली के लिए धुनी माई में हवन भी किया। तत्पश्चात फुल गली में बंसल परिवार के निवास पर आयोजित सत्संग में भाग लिया। इस अवसर पर लखनलाल नागौरी, राजेंद्र बंसल, राजनारायण परवाल, सुनील जैन, अखिलेश गुप्ता, सुभाष खंडेलवाल, सुनील बंसल, नारायण बाहेती, प्रेम नारायण पिपलोनिया, रामस्वरूप बाहेती, मंगल यादव, आशीष चटकेले, अनिल चौधरी, अनिल बाहेती, गोपाल शर्मा, वीरेंद्र अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल ने दादाजी की नगरी में महाराजश्री का स्वागत वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया एवं सत्संग का लाभ लिया।
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