खंडवा- पर्याप्त पेयजल के बाद भी वितरण व्यवस्था ढंग की न होने से कृत्रिम संकट झेलना पड़ रहा है। इस संकट से त्रस्त दो वार्डों के लोगों ने नगर निगम में हंगामा कर दिया। परेशान महिलाओं ने नगर निगम की चौखट पर मटके फोड़े। भवानी माता और पदमकुंड वार्ड में पानी का संकट ज्यादा है।
निगमायुक्त के केबिन में घुसकर महिलाओं ने आक्रोश जताया। निगमआयुक्त नीलेश दुबे ने आश्वासन दिया तो महिलाएं बिफर गईं। दो माह पहले दिए आवश्वासन का जवाब मांगा। निगम में सत्तारूढ़ भाजपा के पदाधिकारी कम ही बैठते हैं। झेलना निगम के आयुक्त और कर्मचारियों को पड़ रहा है।

टैंकर नहीं,नलों से पानी दें
भवानी माता और पदमकुंड वार्ड के रहवासी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। लोगों के साथ दीपक मुल्लू राठौर सहित कांग्रेसी पार्षद भी थेे। निगम कार्यालय के बाहर जलसंकट से त्रस्त लोगों ने नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए। निगमायुक्त दुबे केबिन से बाहर आए, तो महिलाओं ने वार्डों में पानी की समस्या बताई। वार्डवासियों ने कहा कि हमें टैंकरों से पानी नहीं चाहिए। हमारे क्षेत्र में नलों से पानी दिया जाए। कुछ क्षेत्रों में नलों में प्रेशर से पानी नहीं आ रहा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी किसी तरह की सुनवाई नहीं हो रही है।
निराकरण जल्द : निगमायुक्त
निगमायुक्त को पदमकुंड वार्ड के रहवासियों ने कहा कि दो महीने पहले भी आपको समस्या बताने के लिए आए थे। आपने आश्वासन दिया था,लेकिन अब तक पेयजल की समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। लोगों की समस्या सुनने के बाद निगमायुक्त केबिन में चले गए। इसके कुछ ही देर बाद महिलाओं ने आक्रोश जताते हुए निगम कार्यालय की चौखट पर मटके फोड़ दिए। गुस्सा जताते हुए निगमायुक्त के केबिन में पहुंच गईं। यहां भी महिलाओं ने पेयजल समस्या के साथ ही वार्डों में सफाई नहीं होने की शिकायत की। निगमायुक्त ने कहा कि एक दिन के भीतर संबंधित वार्डों में पेयजल समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।
6 माह में कुछ नहीं किया निगम ने
नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने कहा कि नगर निगम के परिषद को गठित हुए छह महीने से अधिक बीत गए हैं। अब तक शहर में किसी तरह का विकास नहीं हुआ है। वार्डों में निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। करोड़ों की नर्मदा जल योजना सहित अन्य संसाधन जुटाने के बाद भी शहरवासियों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लगभग 15 वार्डों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है।

