खण्डवा – विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय खंडवा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ महापौर श्रीमती अमृता यादव, सिविल सर्जन डॉ. ओ.पी. जुगतावत, आर.एम.ओ. डॉ. अनिरुद्ध कौशल, एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में फीता काटकर किया। इस दौरान महापौर श्रीमती यादव द्वारा उपस्थित लोगों को बताया कि सभी अपने बच्चों की अच्छे से देखभाल करें एवं डॉक्टर के परामर्श अनुसार इलाज करवाएं। उन्होंने कहा कि सभी आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रूपये का निःशुल्क उपचार किसी भी शहर के मान्यता प्राप्त अस्पताल में करवा सकते हैं।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ भूषण बाडे द्वारा बताया कि सिकल सेल एक अनुवांशिक रोग है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं जल्दी टूट जाती है। इसके कारण एनीमिया तथा अन्य जटिलता सामने आने लगती है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल की पहचान विशेष रक्त की जांच से की जा सकती है। शासन ने हर जिले में डे-केयर सेंटर की स्थापना की है, जिससे सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया वाले बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज हो सके। उन्होंने बताया कि हमारे जिले में अभी तक कुल 13362 मरीजों की स्क्रीनिंग गई है, जिसमें से सिकल सेल पॉजिटिव 69 एवं सिकल सेल केरियर 98 पाए गए हैं। इसी प्रकार जिला अस्पताल खंडवा में स्क्रीनिंग 1013 एवं सिकल सेल के 60 पॉजिटिव एवं सिकल सेल केरियर 195 है। आज डे-केयर सेंटर में 7 मरीज भर्ती है तथा 4 मरीजों को ब्लड चढ़ाया गया है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जुगतावत द्वारा बताया कि सिकल सेल एक ऐसी बीमारी है जो एक अनुवांशिक रोग है इसलिए जब तक खून की जांच ना करवाई जाए तब तक इस रोग की पहचान नहीं हो सकती है। घर में किसी व्यक्ति को यह बीमारी हो जाती है तो उसकी वजह से पूरा परिवार परेशान रहता है। मरीज को हर तीन महीने में खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य सिकल सेल, थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया वाले मरीज को उचित इलाज देकर उनकी जान बचाना है, इसीलिए शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे के माध्यम से संभावित लोगों को स्क्रीनिंग हेतु जिला चिकित्सालय में भेजा जा रहा है।
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