अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर ऋषि गर्ग ने सोमवार शाम को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस अधीक्षक संजीव कंचन, जिला पंचायत के सीईओ रोहित सिसोनिया तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी के साथ-साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचपी सिंह व अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री गर्ग ने बैठक में निर्देश दिए कि आगामी 18 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान से पूर्व स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के फील्ड स्टाफ की विस्तृत ट्रेनिंग कराई जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि दस्तक अभियान के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, आशा कार्यकर्ता व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के दल बनाये जायेंगे जो ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों को चिन्हित करेंगे। इस दौरान यह दल घर में विकलांग सदस्य की जानकारी भी लेगा। साथ ही घर के बच्चों का टीकाकरण हुआ है या नहीं, यह भी देखेगा। इसके साथ ही दस्तक अभियान में घर-घर जाकर महिलाओं को स्तनपान तथा स्वच्छता के बारे में समझाईश भी दी जाएगी। कलेक्टर श्री गर्ग ने जीवनम स्वास्थ्य शिविरों में प्रायवेट मनोरोग चिकित्सक की सेवाएं लेने के लिए भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा। बैठक में कलेक्टर श्री गर्ग ने महिला बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र में भ्रमण के दौरान यदि कोई कुपोषित बच्चा मिलता है तो उसे पास के पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराया जाए। उन्होने निर्देश दिए कि जनसेवा मित्रों को भी आंगनवाड़ी तथा कुपोषित बच्चों की मॉनिटरिंग के कार्य में भी लगाया जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गर्ग ने मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, स्पॉंसरशिप योजना, वन स्टॉप सेंटर, आंगनवाड़ी केन्द्रों में सोलर सिस्टम स्थापित करने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होने कहा कि एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम के तहत जिन अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आंगनवाड़ी की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी ली है, उन अधिकारियों को नियमित रूप से आंगनवाड़ियों का दौरा करना चाहिए।
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