Skip to content
Sunday, 11 October 2026
हरदा

8 किसानों का ढाई लाख रूपये भुगतान अटका

2 min read
Text Size:

 

अनोखा तीर, हरदा। ब्लाक के ग्राम कमताड़ा में करीब आधा से अधिक किसानों ने पांरपरिक खेती से हटकर उन्नत खेती की राह अपनाई थी, परंतु किसानों के इसके शुरूआती दौर में ही चपत लगने की बात सामने आई है। जिसके चलते किसानों को जहां आर्थिक संकट से जूझना पड़ा, वहीं अब अपने हक की राशि को पाने दर-दर भटक रहे हैं। इसी मामले में किसानों ने सोमवार को सिविल लाइन थाना पहुंचकर एक लिखित आवेदन दिया है। जिसमें पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ही संबंधित खरीददार का भी उल्लेख किया है। साथ ही ये गुहार लगाई है कि मामले में हस्तक्षेप कर किसानों को उनका भुगतान दिलाने की दिशा में पहल की जाएं। आशीष पिता रामजीवन फुलरे ने बताया कि हम सब मध्यम व लघु सीमांत किसान हैं। खेती को लाभकारी बनाने अथवा आय बढ़ाने के उद्देश्य से पारंपरिक खेती के बजाय थोड़े-थेाड़े रकबे में हरी मिर्च की खेती प्रारंभ की थी। जिससे गांव के अन्य किसान नंदकिशोर पिता जमनाप्रसाद मोरझले, गौरव पिता चैनसिंह राजपूत, हरिओम पिता सत्यनारायण फूुलरे, अभिषेक पिता राकेश गुर्जर, रामरतन पिता सुभाषचन्द्र पंचौली, दीपचंद पिता रामप्रसाद पंचौली और महेन्द्र पिता राधेश्याम सभी निवासी ग्राम कमताड़ा ने भी एक-एक प्लॉट में मिर्ची की खेती अपनाई थी। आशीष ने बताया कि मिर्ची का बेहतर उत्पादन भी मिला। जिसे खरीदने के लिये हरदा निवासी एक व्यापारी ने रूचि दिखाई। साथ ही फसल को खेत से उठाना तय हुआ। व्यापारी ने पहले चरण की खरीदी कर सभी को भुगतान कर दिया। लेकिन दूसरे चरण की खरीदी करने के बाद व्यापारी ने भुगतान रोक लिया। जिसे मांगने पर आज-कल की कहानी शुरू हुई, जो आज इस मुकाम पर है। किसान अपने हक की राशि प्राप्त करने के लिये यहां-वहां भटक रहे हैं। अंत में थक-हारकर पुलिस से आस बंधी है। किसानों के मुताबिक एक किसान के सवा लाख रूपये तथा एक किसान के पिचत्तर हजार रूपये बाकी हैं। वहीं अन्य 6 किसानों के भी 6 हजार से लेकर 21 हजार यानि कुल 2 लाख 61 हजार रूपयें अटके हैं। किसानों ने सिविल लाइन पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

94 Views
What do you think?

Leave a Reply