खंडवा- झांसी की रानी के अदम्य साहस के किस्से आज भी कालजयी हैं। उनके जैसी वीरांगना भारत की भूमि पर विरले ही पैदा होती हैं।उनके साहस के सम्मुख पूरा देश सदैव नमन करता है। यह बात सद्भावना मंच के अध्यक्ष प्रमोद जैन ने झांसी की रानी महारानी लक्ष्मी बाई की पुण्यतिथि के अवसर पर सद्भावना मंच कार्यालय पर स्मृति सभा में कही। उन्होंने अपनी बात रखते हुए झांसी की रानी की वीरता के अनेक किस्से सुनाए।
इस अवसर पर डा. जगदीश चंद्र चौरे, अर्जुन बुंदेला, तारकेश्वर चौरे, त्रिलोक चौधरी, कमल नागपाल आदि ने अपनी काव्य रचनाएं भी प्रस्तुत की। स्मृति सभा में सुरेंद्र गीते, एमएम कुरेशी, चंद्रकुमार सांड, एनके दवे, राधेश्याम शाक्य, सुभाष मीणा, कैलाश पटेल आदि उपस्थित थे।
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