अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश सरकार की पशु चिकित्सा सेवा अंतर्गत प्रारंभ की चलित पशु चिकित्सा इकाई पशु तथा पशु पालकों के लिये किसी बड़ी राहत से कम नही है। इसके लिये बकायदा टोल फ्री नंबर 1962 जारी किया है। वहीं जिले के तीनों ब्लाक में एक-एक चलित पशु चिकित्सा इकाई को तैनात किया है, जो तहसील स्तर के अलावा दूरदराज के गांवों तक पहुंच रही हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महिने 25 मई को शासन ने पशुपालन विभाग की चलित पशु चिकित्सा ईकाई शुरू की थी। तभी से सभी जिलो में पशु चिकित्सा सेवा को रफ्तार मिली है। इसी कड़ी में हरदा जिले को मिली तीन चलित पशु चिकित्सा इकाई हरदा, खिरकिया एवं टिमरनी ब्लाक तथा एक इकाई मुख्यालय पर संचालित है। चिकित्सा इकाई के साथ पशु चिकित्सा दल एवं आवश्यक औषधियों की व्यवस्था रहती है। इस सेवा का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर बीमार पशुओं के संबंध में जानकारी दर्ज करानी होती है। जिसके बाद निर्धारित समय-सीमा में चलित पशु चिकित्सा इकाई पशु पालक के घर पर पहुंचेगी। जहां बीमार पशुओं को उपचार करने के साथ-साथ कृत्रिम गर्वाधान की भी सुविधा उपलब्ध है। इसके लिये150 रूपये प्रति केस शुल्क निर्धारित किया है। जिसका भुगतान पशु पालक करेंगे, वहीं भुगतान की रसीद भी प्राप्त कर सकेंगे। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा एसके त्रिपाठी ने बताया कि करीब 20-22 दिन में 145 पशुओं का उपचार हुआ है, जो अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्होंनें पशुपालकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की बात कही है।
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