शहर में नाले नालियों की साफ सफाई कार्य में लाखों के भ्रष्टाचार की बू

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देवास- नगर पालिक निगम में भ्रष्टाचार का कोई पार नहीं है। किसी भी प्रकार का काम काज इससे अछुता नहीं दिखाई पड़ता है। एक प्रकार से भ्रष्टाचार की गंगोत्री बहती दिखाई पड़ती है। निगम में विविध कार्यो, क्रियाकलापों में भ्रष्टाचार को लेकर आए दिन मीडिया की सुर्खियां भी बनती रहती है। आगामी माह में नया मानसून सत्र प्रारंभ होने वाला है। उससे पूर्व नाले नालियों की साफ सफाई का जिम्मा टेंडर जारी कर ठेकेदार को सौंपा गया है, लेकिन निगम में बारिश से पूर्व नाले नालियों की साफ सफाई के टेंडर में से भ्रष्टाचार की बू आ रही है। जवाबदार बड़े अधिकारियों का इस और ध्यान नहीं है। यह तो जगजाहिर है कि शहर में अक्सर कहीं न कहीं नाले नालियां चौक होते रहते है एवं उनमें बहने वाला बदबूदार गंदा पानी मुख्य बाजार हो या कालोनियों में सडक़ो पर लोगों के घरों, दुकानों के आसपास बहता रहता है। इसके पीछे भी प्रमुख कारण भ्रष्टाचार ही उभरकर सामने आ रहा है।

प्राप्त जानकारी अनुसार बारिश पूर्व नगर निगम द्वारा नाले नालियों की साफ सफाई कार्य सही तरीके से पूर्णरूपेण नहीं किया गया है। ठेकेदार एवं उसके कर्मचारियों द्वारा नाले नालियों की पूर्ण रूपेण साफ सफाई की बजाय मात्र मूंह-मूंह की साफ सफाई कर कार्य की इतिश्री कर ली गयी। प्रत्यक्षत: नाले नालियों में गाद गंदगी भरी हुई साफ दिखाई दे रही है। हाल ही में पिछले दिनो हुई बेमौसम की अल्प वर्षा में भी शहर की सडक़ो पर जहां तहां नाले नालियों की गंदगी पसरी नजर आयी। समय रहते निगम अधिकारियों द्वारा इस और ध्यान नहीं दिया गया तो बारिश के मौसम में हालात बिगड़ सकते है। बारिश के पानी का बहाव नाले नालियों में कचरा-गंदगी के कारण अवरूद्ध या चौक होकर जनता की परेशानियों का सबब बन सकता है।

बारिश में हर वर्ष परेशान होते नजर आते है जनप्रतिनिधि

बारिश से पूर्व नाले नालियों की साफ सफाई ठीक प्रकार से नहीं करवाए जाने का खामियाजा आम जनता को तो उठाना ही पड़ता है, साथ ही चुने हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। पिछले वर्ष ही महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल नाले नालियों में बारिश के जल जमाव के कारण आवासनगर में मध्य रात्रि में घूटने घूटने पानी में निकासी का प्रयास करते दिखाई दिये थे तो वही निगम सभापति रवि जैन मोती बंगला स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर एवं आसपास इलाके से पानी निकालने की कवायद करते दिखाई दिये थे। अधिकतर वार्डो में कमोबेश यही स्थिति रहती है एवं आम जनो के साथ क्षैत्रीय पार्षदों को रात रातभर जागकर पानी की निकासी के लिये संघर्ष करते देखा गया था। इसके बावजूद निगम अधिकारी ठेकेदार से मिलकर कमीशनखोरी करने से नहीं चुक रहे है।

झोनल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है

नाले नालियों की साफ सफाई नहीं किये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। इस सम्बन्ध में झोनल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गयी है। झोनल अधिकारी आजकल में रिपोर्ट पेश करेंगे।
जितेन्द्रसिंह सिसोदिया
निगम स्वास्थ्य अधिकारी, देवास

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