देवास- वरिष्ठ नागरिक संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अंतर्राष्ट्रीय दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संस्था अध्यक्ष ओ.पी.पाराशर एवं गंगा सिंह सोलंकी ने बताया कि सभी वरिष्ठजन वरिष्ठ नागरिक परिसर में एकत्रित हुए। जहां से शांतिपूर्वक रैली निकालते हुए मांगो को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट में गेट मीटिंग हुई। मीटिंग को संबोधित करते हुए पाराशर ने कहा कि अधिकांश वरिष्ठजन स्वयं के कार्य करने में असमर्थ होते हैं, ऐसी स्थिति में उनके बच्चे पत्नी, रिश्तेदार, डॉक्टर, नर्स, नौकर या जिनसे बुजुर्गों को देखभाल की अपेक्षाएँ हो, ऐसे लोग बुजुर्गों को किसी तरह की हानि पहुंचाते हैं या उपेक्षा करते हैं या ठीक से उनका भरण पोषण नहीं करते हैं तो उनकी ये हरकत दुर्व्यवहार की श्रेणी में आती है।
बुजुर्गों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार उनके जीवन स्तर की गुणवत्ता को नकारात्मक स्वरूप देता है जो कि मानव अधिकारों का उल्लंघन है। संस्था संरक्षक डॉक्टर भाले एवं संस्था कोषाध्यक्ष विपिन कुमावत ने वरिष्ठजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की व्याख्या की। गंगासिंह सोलंकी ने पेंशनरों को महंगाई भत्ते की किश्तों को न दिये जाने पर सरकार द्वारा वरिष्ठों के प्रति दुर्व्यवहार बताया। ज्ञापन में मांग की गई कि वरिष्ठ नागरिक सेवा केन्द्र के संचालन हेतु अनुदान पर लगी रोक को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए, ताकि सेवा केन्द्र पुन: संचालित हो सके।
पेंशनर्स को लम्बे समय से महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ नही मिल पाया है। साथ ही छठे वेतन मान का 32 माह एवं सातवें वेतनमान का 27 माह की बकाया राशि का लाभ भी नही मिल पाया है। जो कि वित्तीय/आर्थिक दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। वरिष्ठजनों को रेलवे में पूर्ववत छुट प्रदान की जाना चाहिए। वर्तमान में बढ़ती हुई महंगाई से वृद्धजन त्रस्त है, अत: म.प्र में इंदिरा गांधी वृद्धजनों की पेंशन कम से कम 5000 रुपए की जाए। इस दौरान एसके कानूनगो, मनोहर सिन्हा, विपिन कुमावत, हिमांशु ढाली, एसके शाह, अरविंद पाण्डे, खलील भाई, मालवीय जी, लाम्बोरे जी, ओपी तिवारी, केसी रावत, बीडी चावड़ा, वीणा भार्गव, एमएस कुशवाह, जोसलीन सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित थे।
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