आने वाले समय में सहकारिता के माध्यम से नवीन कार्यक्षेत्रों में समितियों का गठन होगा। जिससे प्रदेश के सभी जिलों में रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। साथ ही राज्य के सहकारिता कानून में भी आवश्यकता अनुसार बदलाव हो सकेगा। इन सबके अलावा सबसे महत्वपूर्ण सहकारिता की आंतरिक एवं संरचनात्मक कमियों को दूर करने की कार्रवाई की जा सकेगी।
अनोखा तीर, हरदा। मध्य प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार सहकारिता को माध्यम बनाने जा रही है। स्वरोजगार की दृष्टि से कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, जल संरक्षण, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, खनिज, कृषि उपकरण केन्द्र, जल एवं विद्युत वितरण के साथ-साथ जैविक उत्पाद के क्षेत्रों में सहकारी समितियों का गठन कर इन समस्त कार्यक्षेत्रों में लगनपूर्वक कार्य करने वाले कृषक एवं युवाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार नई सहकारिता नीति अंतर्गत नवीन कार्यक्षेत्रों में ग्राम, जिला एवं राज्य स्तर पर समिति गठित की जाएंगी। जिन्हें सरकारी योजनाओं से समितियों को जोड़कर काम किया जाएगा। किसानों को उपकरण उपलब्ध कराने के लिए उपकरण बैंक की स्थापना, ग्रामीण परिवहन, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाएं, बीमा, जैविक उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, विद्युत एवं जल वितरण व्यवस्था के लिए समिति का गठन प्रस्तावित किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सहकारी क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए जिला स्तर पर कोर गु्रप सक्रिय रहेगा। वहीं एक जिला-एक उत्पाद तथा कृषि और लघु वनोपज के विपणन व प्रसंस्करण कार्य भी समितियों को दिए जाएंगे। नई नीति अनुसार अक्रियाशील समितियों का पंजीयन समाप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ ही सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने पर फोकस है।
संस्थाओं में निवेश बढ़ाने पर जोर
साथ ही सहकारी संस्थाओं में निवेश बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर कोर गु्रप बनाए जाएंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग ने सहकारी नीति 2023 तैयार की है। जिसे विगत दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में रखा गया। जिस पर मंत्रिमंडल की सहमति बन चुकी है। आगे की तमाम प्रक्रियाओं को पूर्ण कर अतिशीघ्र इसे लागू करने की कवायद जारी है।
प्रारूप में स्वरोजगार को बढ़ावा
उल्लेखनीय है कि सहकारिता नीति को समय के मान से ओर अधिक सरल तथा रोजगार सृजन के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सहकारी नीति का प्रारूप तैयार कर नीति बनाने की बात कही। इसी के आधार पर शिवराज सरकार ने नई सहकारिता नीति तैयार की है। इसमें वर्तमान सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के साथ-साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।
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