खरगोन :- पंचायतों के हाथों में शक्ति देने का शासन का निर्णय जामली पंचायत ने सही साबित किया है। जामली में पेसा कानून के तहत गठित शांति व विवाद निवारण समिति ने वाहन दुर्घटना के मामले में समझौता कराकर अच्छा उदारहण पेश किया है। पेसा एक्ट मोबिलायजर पुनीत तारे ने बताया कि 8 जून को गांव में ही रात को एक वाहन दुर्घटना हो गई थी। मोटर सायकिल और पैदल गांव के नागरिक की हाइवे पर हुई इस दुर्घटना में पैदल चल रहे मुकेश बछाने को गंभीर चोटें आई थी। इस दौरान खूब विवाद भी हुआ था। एम्बुलेंस बुलाकर घयाल मुकेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। इस दौरान गांव की शांति निवारण समिति ने प्रकरण बनाकर समिति के माध्यम से निराकरण करने का निर्णय लिया था।
मोटर सायकिल चालक विकास सुखलाल दामखेड़ा के सरपंच धनसिंह, उपसरपंच सुरेंद्र गांव के पटेल कुंवरसिंह व अन्य नागरिकों ने जामली की शांति व विवाद निवारण समिति के साथ बैठक की। इसमें दोनों पक्षों को समझाया गया। समिति ने कहा कि हादसा कोई जानबूझकर नहीं बल्कि अचानक हुआ है जो किसी के साथ भी हो सकता है। थोड़ा संयम के साथ विचारे। आखिर शांति व विवाद निवारण समिति का मान रखते हुए दोनों पक्षों ने समझौता मान्य किया। शांति व विवाद निवारण समिति में अध्यक्ष रामकिशन सोलंकी पेसा एक्ट मोबिलायजर पुनीत तारे पंचायत सचिव ब्रजेश जोशी उपसरपंच रविन्द्र कुशवाह व अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही। ज्ञात हो कि 15 नवम्बर 2022 को पेसा एक्ट लागू हुआ है। इसके बाद गांव वार समितियां बनाई गई थी।

