पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
खंडवा। जिले के पिपलोद थाना अंतर्गत ग्राम सालई ढाणा में अज्ञात हत्यारों ने खेत में टपरी के बाहर सो रहे बुजुर्ग पति-पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी। घटना मंगलवार रात की है। दोनों रात में खाना खाकर गांव में स्थित घर से खेत में सोने आए थे। सुबह बेटे ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। इस डबल मर्डर से पूरे गांव में सनसनी फेल गई है। पिपलौद थाना पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर दी है। दरअसल ग्राम सालई ढाणा में गांव के बाहर शंकरलाल का खेत है। गांव में मकान होने से तीन बेटे अपने परिवार के साथ वहां रह रहे थे। सुबह एक बेटा उमेश अपनी दादी मंगरा बाई के साथ खेत में मक्का की फसल में खाद डालने आया था। उसने खटिया पर सो रहे अपने माता-पिता को आवाज दी। जब उनकी तरफ से जवाब नहीं आया, तो उमेश उठाने पहुंचा। यहां देखा तो खटिया के पास खून पड़ा हुआ था। यह देख दोनों के होश उड़ गए। शंकरलाल (55 वर्ष) और उनकी पत्नी कालीबाई (53 वर्ष) ने गले तक चादर ओढ़ रखी थी। उमेश ने चादर हटाकर देखा तो दोनों के गले किसी धारदार हथियार से रेते हुए थे। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर ग्रामीणोंं की भीड़ लग गई। पिपलौद थाना प्रभारी हरिसिंह रावत ने पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पहुंचकर सर्चिंग शुरू कर दी। वहीं कुछ देर बाद जिला मुख्यालय से एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल भी घटनास्थल पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि हत्या किस वजह से की गई है और हत्यारे कौन हैं? पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि पुलिस को इस मामले में अहम सुराग हाथ लगे हैं। प्राथमिक तौर पर पारिवारिक विवाद से मर्डर होने की आशंका है। हालांकि, पूछताछ जारी है और पुख्ता सबूत के साथ इस मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
खंडवा। जिले के पिपलोद थाना अंतर्गत ग्राम सालई ढाणा में अज्ञात हत्यारों ने खेत में टपरी के बाहर सो रहे बुजुर्ग पति-पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी। घटना मंगलवार रात की है। दोनों रात में खाना खाकर गांव में स्थित घर से खेत में सोने आए थे। सुबह बेटे ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। इस डबल मर्डर से पूरे गांव में सनसनी फेल गई है। पिपलौद थाना पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर दी है। दरअसल ग्राम सालई ढाणा में गांव के बाहर शंकरलाल का खेत है। गांव में मकान होने से तीन बेटे अपने परिवार के साथ वहां रह रहे थे। सुबह एक बेटा उमेश अपनी दादी मंगरा बाई के साथ खेत में मक्का की फसल में खाद डालने आया था। उसने खटिया पर सो रहे अपने माता-पिता को आवाज दी। जब उनकी तरफ से जवाब नहीं आया, तो उमेश उठाने पहुंचा। यहां देखा तो खटिया के पास खून पड़ा हुआ था। यह देख दोनों के होश उड़ गए। शंकरलाल (55 वर्ष) और उनकी पत्नी कालीबाई (53 वर्ष) ने गले तक चादर ओढ़ रखी थी। उमेश ने चादर हटाकर देखा तो दोनों के गले किसी धारदार हथियार से रेते हुए थे। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर ग्रामीणोंं की भीड़ लग गई। पिपलौद थाना प्रभारी हरिसिंह रावत ने पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पहुंचकर सर्चिंग शुरू कर दी। वहीं कुछ देर बाद जिला मुख्यालय से एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल भी घटनास्थल पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि हत्या किस वजह से की गई है और हत्यारे कौन हैं? पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि पुलिस को इस मामले में अहम सुराग हाथ लगे हैं। प्राथमिक तौर पर पारिवारिक विवाद से मर्डर होने की आशंका है। हालांकि, पूछताछ जारी है और पुख्ता सबूत के साथ इस मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
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