नर्मदापुरम- किसानों के हित में राज्य सरकार ने अभूतपूर्व निर्णय लिये। जिनसे किसानों को अप्रत्याशित रूप से दो गुने से ज्यादा लाभ मिला। किसानों का धन और समय बचा, जिसका लाभ उन्हें और उनके परिवार को मिला। वन ग्राम के किसानों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाभान्वित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में शामिल करवा दिया। इससे वनाधिकार पट्टेधारियों की फसलों को क्षति होने पर फसल बीमा योजना का लाभ मिलने लगा। फसल बीमा योजना का ज्यादा से ज्यादा किसान लाभ ले सकें और इसमें अपनी विभिन्न फसलों का बीमा कराने के लिये सरकार ने अधिसूचित फसल क्षेत्र का मापदंड 100 हेक्टेयर के स्थान पर 50 हेक्टेयर किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के भी 4 हजार रूयये मिला कर प्रदेश के लाखों किसानों को 10 हजार रूपये की सालाना मदद की जा रही है।
किसानों की ग्रीष्म कालीन मूंग को समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई। चना, मसूर, सरसों की उपज का उपार्जन, गेहूँ उपार्जन के साथ किया गया। इससे किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त लाभ हुआ। प्रदेश सरकार के ‘जितना उत्पादन-उतना उपार्जन’ के निर्णय से चने के उपार्जन की क्षमता में वृद्धि हुई है। किसानों के हित में परंपरागत फसलों के स्थान पर लाभकारी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये फसल विविधीकरण योजना लागू की गई। राज्य में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिये भी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रत्येक किसान को अपनी कुछ भूमि पर प्राकृतिक खेती के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने यह निर्णय भी लिया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के प्रोत्साहन के लिये सरकार देसी गाय के लालन-पालन के लिये 900 रूपये प्रतिमाह का अनुदान दिया जायेगा।

