अनोखा तीर, हरदा। राजस्व आयुक्त भू-अभिलेख ग्वालियर ने सीमांकन के लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक होने के कारण राजस्व निरीक्षकों के साथ-साथ पटवारियों को भी सीमांकन की शक्तियां प्रदान की है। इस संबंध में पिछले दिनों एक आदेश जारी किया है। वहीं जारी आदेश का पालन सुनिश्चित करने की बात कही है। इस संबंध में डिप्टी कलेक्टर ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि सीमांकन कार्य में ईटीएस मशीन के साथ साथ जरीब से भी सीमांकन कार्य किया जा सकता है। जिससे कि लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में किया जा सके। इसी क्रम में हरदा जिले में सीमांकन के मामले अधिक से अधिक संख्या में निराकृत हों। इसके लिये जारी आदेश के आधार पर राजस्व निरीक्षकों के अलावा पटवारियों से भी सीमांकन कराने निर्देश जारी किए गए हैं। सीमांकन में जरीब का इस्तेमाल हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 129 का संशोधन मध्यप्रदेश राजपत्र 24 जनवरी 2023 में प्रकाशित धारा 129 उपधारा (1) उपधारा (2) उपधारा ( 3 ) में शब्द राजस्व निरीक्षक या पटवारी स्थापित किया है। इसके मुताबिक राजस्व निरीक्षक के साथ-साथ पटवारियों को भी सीमांकन करने की शक्तियां प्रदाय की गई हैं। जिसका उपयोग करते हुए राजस्व विभाग ने सीमांकन कार्य को रफ्तार प्रदान की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आदेश जारी होने के बाद किसानों को लंबित मामलों में कार्रवाई की आस जागी है। खासकर, उन किसानों को जिनके सीमांकन प्रकरण सालों से लंबित या प्रक्रियाधीन हैं। हालांकि इसके बीच अभी भी एक पैंच फंसा हुआ है। जिसके चलते पटवारियों ने उक्त आदेश का बहिष्कार कर रखा है। इसके पीछे राजस्व पटवारी संघ की मांग है कि जब पटवारियों से राजस्व निरीक्षक के समान कार्य कराया जा रहा है तो उस हिसाब से पटवारियों को पे ग्रेड २८ दिया जाए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में संगठन इस बावत ज्ञापन सौंपेगा।
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