छैगांवमाखन लिफ्ट इरिगेशन से छोड़ा पानी खेतों में पहुंचा

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खंडवा :- जिले के छैगांवमाखन में हजारों एकड़ सूखी भूमि जो सूखी थी अब यहां हरियाली देखने को मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर छैगांवमाखन उद्वहन सिंचाई योजना की सौगात पंधाना विधानसभा क्षेत्र को दी गई है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि पूर्व सांसद स्व. नंदकुमारसिंह चौहान के अथक प्रयासों से इस योजना को धरातल पर उतारा गया था। इस योजना से छैगांवमाखन टप्पा और पंधाना तहसील के 73 गांवों की 35 हजार 262 हेक्टेयर जमीन सिंचित की जाएगी। 536.99 करोड़ रुपए लागत से इस योजना का काम किया जा रहा है। इस योजना के बचे हुए 1400 हेक्टेयर में पाइप बिछाने काम 30 अक्टूबर तक हो जाएगा। विधायक राम दांगोरे द्वारा इस योजना की समय-समय पर देखरेख अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए मूर्तरूप दिया। किसानों के अनुरोध पर उन्होंने विगत दो दिनों से इस भीषण गर्मी में भी नहरों के माध्यम से पानी छोडऩे के प्रयास किए जो सफल हुए।

अब किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। छैगांवमाखन उद्वहन सिंचाई परियोजना से पहली बार रबी सीजन में सिंचाई के लिए किसानों को पानी मिलेगा। पाइप लाइन की टेस्टिंग पानी किसानों को पाइप और नहर के माध्यम से उनके खेत तक पहुंचाया जा रहा है। नहर में पानी आने पर रबी सीजन की फसल के लिए पानी किसानों को मिलेगा। विधायक राम दांगोरे ने नहरों में पानी छोडऩे को लेकर भोपाल स्तर तक प्रयास किए। सांसद और विधायक ने नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 खंडवा के कार्यपालन यंत्री प्रमोद भंडारी को पानी छोडऩे के निर्देश दिए थे।

 किसान आउटलेट से स्प्रिंकलर और पारंपरिक रूप से पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी ले सकेंगे। इस परियोजना का काम तीन साल 10 महीने में पूरा होना था लेकिन दो साल पहले पंप की टेस्टिंग के बाद काम अधूरा होने के कारण सिंचाई शुरू नहीं हो पाई। योजना का वर्क आर्डर 1 जनवरी 2016 को जारी हुआ था। इसके अनुसार 30 नवंबर 2019 तक काम पूरा होना था। इंदिरा सागर बांध की मुख्य नहर से लगभग 64 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्र छैगांवमाखन तक पानी पहुंचने के लिए योजना की पाइप लाइन नेशनल हाइवे इंदौर-इच्छापुर को 12 जगह क्रास कर रही ह

योजना के तहत गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत से खेतों तक पानी पहुंचेगा। इजरायल तकनीकी के तहत 20 हेक्टेयर पर एक आउटलेट मैनेजमेंट सिस्टम (ओएमएस) बनाया गया है। जबकि 2.5-2.5 हेक्टेयर पर एक-एक आउटलेट प्वाइंट बनाया है। इससे बिना मोटर के किसान के खेत में स्प्रिंकलर और पाइप लाइन में प्रेशर से पानी सिंचाई के लिए मिलेगा। खरगोन जिले में जाने वाली इंदिरा सागर बांध की मुख्य नहर से छैगांवमाखन उद्वहन सिंचाई योजना के लिए चांदेल से पानी आएगा। इसकी मुख्य राइजिंग लाइन 19 किमी है। इससे 2600 किमी लंबी लाइन से सिंचाई की जाएगी। योजना में पहला पंप हाउस डोंगरगांव और दूसरा रोहनाई में है। इनका दो साल पहले ही ट्रायल भी हो चुका है।

यहां से पानी सिंचाई के लिए छोड़ा जाएगा। शासन के रिकार्ड में 35 सालों से सूखाग्रस्त की श्रेणी वाले छैगांवमाखन क्षेत्र के किसान फसल उत्पादन के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं। हर साल इस क्षेत्र में अप्रैल से लेकर जून तक लोगों के साथ ही मवेशियों के पीने का पानी की किल्लत हो जाती है। जानकारी के अनुसार तीन महीने के दौरान लोग खुद के साथ जानवरों के लिए दूर-दराज खेतों में बने कुंओं से पानी लेने जाते हैं।

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