प्रकृति के घटको पर दया का भाव रखें, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाएं

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खंडवा- प्रकृति को दया का सागर कहा जाता है। प्रकृति के उपकारो से ही हमारा जीवन चल रहा है, अत: हमारा कर्तव्य है कि हम भी प्रकृति के घटको पर दया का भाव रखें। नीम, बरगद, पीपल जैसे वृक्षो का रोपण करें, ये वृक्ष ऑक्सीजन का खजाना है और अत्याधिक आक्सीजन प्रदान करते हैं। एक बड़ा पेड़ एक दिन में इतनी ऑक्सीजन देता है जिससे चार व्यक्तियों का जीवन चलता है। यह बात शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य डा. अशोक कुमार चौरे ने मिशन लाईफ के अंतर्गत लाइफ स्टाइल फॉर इनवायरमेंट के कार्यक्रम के दौरान कही।

 5 जून 2023 तक मिशन लाईफ में महाविद्यालय में स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरुकता सामग्री का वितरण, जलीय जैव विविधता पर जानकारी, स्थानीय मिलेट विविधता एवं महत्व पर कार्यक्रम, खाद्य स्थिरता आदि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उर्जा संरक्षण पर छात्राओं की भागीदारी एवं भूमिका पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। छात्राओं एवं स्टाफ द्वारा पक्षियोंं के लिए उद्यान में पानी के सकोरे लगाए गए।

पर्यावरण समिति सयोजक डॉ कुमुद दुबे ने बताया कि उद्यान में वर्मीकम्पोस्टिंग यूनिट स्थापित की गई है। जल संरक्षण के लिए उद्यान में स्प्रिंकलर सिस्टम द्वारा सिंचाई की व्यवस्था की गई है। ये सभी इको फ्रेंडली तकनीक, पर्यावरण के लिए  सुरक्षित एव लाभदायक है और छात्राओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करेंगे। परिसर में कम पानी की आवश्यकता वाले जीरोफिटिक पौधों का रोपण किया गया है। कार्यक्रमों के दौरान डॉ मुजफ्फर शेख, सौरभ राजपूत, अशोक भास्करे का सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

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