गणगौर घाट पर कई ऐसे युवा और बुजुर्ग हैं जो अपनी प्रतिभा तैराकी के साथ-साथ, पानी पर लेट कर अपनी प्रतिभा दिखातेहैं राजेशसिकलीकर,संजय शर्मा,मननान रंगवाला, युसूफ राजा, मोहन जैन, अरविंद सिंह सचदेवा, गजेन्द्र मालवे रणधीर जांगिड नितिन चौरसिया, रूपाली गंगराड़े, सीमा भावसार यह न सिर्फ तैरते हैं बल्की तैराकी सिखाते हुए अलग-अलग तरह के जल योग भी करते हैं। नदी में कुछ देर तैरते हैं फिर आराम से नदी के पानी में ही लेट जाते है। बिना शरीर में कोई हलचल किए नदी के पानी के ऊपरी सतह पर घंटों तैरते रहते हैं, लेकिन वे डूबते नहीं है।
राजेश सिकलीकर का कहना है कि
लगातार ऐसे योग करने के कारण उन्हें कोई बीमारी नहीं हुई है।नही उनको ब्लड प्रेशर की शिकायत है न ही शुगर जैसी कोई बीमारी हुई। यही कारण है कि वे आज भी इस उम्र में रोजाना एक से दो घंटा गणगोर घाट पर जल योग जरूर करते हैं।कुछ लोगों को उन्होंने यह योग सिखाया भी है. आज भी कुछ बच्चों को यह योग सिखाने का काम करते हैं।एक नियमित योग अभ्यास को बनाए रखते हुए जलयोजन को अधिकतम करना एक संतुलनकारी कार्य है। जल योग में
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