
अनोखा तीर, हरदा। मौसम की आंख मिचौली इस दफा समय से पहले बरसात की दस्तक का संकेत दे रही है। ऐसा मौसम वैज्ञानिकों सहित अन्य जानकारों का कहना है। साथ ही इस साल भरपूर बारिश का दावा भी किया जा रहा है। इन सबके बीच किसान वर्षा ऋतु की प्रमुख फसलें सोयाबीन, मक्का सहित अन्य जिन्सों के उन्नत बीज की तलाश में जुट गए हैं। क्योंकि, किसानों को भी उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहेगा। यही कारण है कि हर साल की तुलना इस साल किसान सोयाबीन की बुआई को लेकर उत्साहित हैं। बेहतर उत्पादन की दृष्टि से बीज के लिये आष्टा, इटारसी, खातेगांव सहित अन्य मालवा के अन्य शहरों में बीज की बुकिंग कर रहे हैं। इधर, देर रात बूंदाबांदी से पहले शाम को ही ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया था। जिसको लेकर तरह-तरह के कयास लगायें जा रहे थे। इस बीच देर रात ये सारे कयास बूंदाबांदी में तब्दील हो गए। लोगों को सुबह-सुबह सड़क और घर की छत भीगी हुई दिखी, तब उन्हें पता चला कि देर रात पानी बरसा है। हालांकि सुबह-सुबह हुई बूंदाबांदी का कोई विपरीत असर नही रहा। घंटे दो घंटे की धूप में सबकुछ सामान्य कर दिया। यही कारण रहा कि सोमवार को किसान सक्रिय दिखे। दिनभर मूंग कटाई का काम चला, वहीं कई जगहों पर किसान अपने रूके हुए कार्यो को पूरा करने में तल्लीन दिखे। जिनमें पाइप लाइन का विस्तार, खेत की जुताई, वृक्षारोपण की तैयारी समेत कामकाज शामिल हैं।
यहां दिखी रफ्तार
बेमौसम बूंदाबांदी के चलते किसानों ने काम समेटना शुरू कर दिया है। जहां-जहां बड़े रकबे में मूंग की बुआई है, उन रकबो में पककर पूरी तरह तैयार हो चुकी मूंग की कटाई होने लगी है। क्षेत्र के नहालखेड़ा रोड, आईटीआई के पीछे और मगरधा रोड स्थित खेतों में हार्वेस्टर चलते हुए दिखे। किसानों के मुताबिक फिलहाल हर रोज अधिकतम 20 से 25 एकड़ खेत ही कट रहा है।
इनकी ज्यादा डिमांड
अधिक से अधिक उत्पादन के उद्देश्य से किसान सोयाबीन की बेहतर किस्म के पक्षधर हैं। जिसमें जेएस २१७२ एवं २११७ सबसे ऊपर है। इन दो वेरायटी की सर्वाधिक डिमांड बताई जा रही है। इसके बाद ब्लैक-बोल्ड़ और आरबीएस 2018 व 2024 का नंबर आता है। इनके अलावा २०९८, १५६९ और 1135 समेत एक-दो अन्य वेरायटी की भी डिमांड है।

