छात्र जीवन में माता-पिता व गुरूजनों का विशेष महत्व
– प्रदेश की प्रावीण्य सूची में आने वाली दोनों बेटियों का सम्मान
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अनोखा तीर, हरदा। माता-पिता एवं गुरूजनों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। माता-पिता जहां अनुशासन के प्रति सजग बनाते हैं, वहीं गुरूजन अपने शिष्यों को शिक्षा का महत्व बताते हुए शिक्षित राष्ट्र की नींव रखते हैं। इस विश्वास के साथ कि उनकी सीख व शिक्षा सफलता के मार्ग प्रशस्त करेगी। यह बातें हरदा डिग्री कॉलेज में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में 8वेंं स्थान पर जगह बनाने वाली छात्रा प्रियंका बांके ने कही। कुछ इसी तरह का भाव प्रावीण्य सूची में 9वां स्थान हासिल करने वाली छात्रा श्रुति गर्जर ने व्यक्त किए। हरदा स्कूल ऑफ एजुकेशन की दोनों छात्रों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। वहीं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं शिक्षिकों के विशिष्ट मार्गदर्शन को दिया। इससे पहले आयोजित प्रतिमा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी एलएन प्रजापति, विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ. प्रभुशंकर एवं विद्यालय के संचालक गिरिश सिंहल ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा प्रियंका बांके एवं श्रुति गर्जर सहित कक्षा 12वीं एवं कक्षा 10वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले समस्त छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वहीं उपस्थित मीडियाकर्मियों को भी पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। इस मौके पर विद्यालय के संचालक ने अपने उद्बोधन दौरान छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने दोनों बेटियों की संस्था के हरदा डिग्री कॉलेज में अगले 3 साल की महाविद्यालयीन शिक्षा निशुल्क रहेगी। उनकी इस घोषणा के बाद पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समारोह में स्कूल आॉफ एजुकेशन की शिक्षिका वंदना द्विवेदी एवं अब्दुल शकील ने भी अपने विचार रखे। वहीं अंत में विद्यालय के संचालक गिरिश सिंहल एवं अभिलाषा सिंहल ने प्रतिभा सम्मान समारोह के समस्त अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सभी के प्रति आत्मीय आभार माना।
लक्ष्य निर्धारण का विशेष महत्व : शुक्ल
इस अवसर पर समारोह के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ प्रभुशंकर शुक्ल ने अपने उद्बोधन में 1930 के एक निबंध को इंगित करते हुए कहा कि गुणदायक एवं गुणवान दोनों की यह उपलब्धि है कि सफलता के पीछे बच्चों की मेहनत के साथ-साथ पालक एवं शिक्षकों का भी योगदान है। उन्होंने छात्रों की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र-छात्राएं लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में आगे बढ़े। क्योंकि लक्ष्य के आधार पर उठने वाला हर एक कदम सफलता की ओर ले जाता है। श्री शुक्ल ने छात्र जीवन में अनुशासन पर भी जोर दिया।
यह सफलता की पहली सीढ़ी : प्रजापति
कार्यक्रम को जिला शिक्षा अधिकारी एलएन प्रजापति ने भी संबोधित किया। उन्होंनें कहा कि हरदा डिग्री कॉलेज व हरदा स्कूल ऑफ एजुकेशन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगतिरथ है। संस्था का प्रबंधन पढ़ाई का अनुकूल वातावरण निर्मित करता है। जिसके भविष्य में भी सार्थक परिणाम मिलना तय है। श्री प्रजापित ने स्कूल प्रबंधन की प्रशंसा की। वहीं प्रवीण्य सूची में शामिल छात्राओं के साथ-साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण सभी छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही इसे सफलता की पहली सीढ़ी बताते हुए आगे ओर अधिक परिश्रम कर लक्ष्य के प्रति अटल रहने की प्रेरणा दी।
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