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Saturday, 24 October 2026
भोपाल

मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मानव जीवन में परमात्मा की प्राप्ति के लिए ऋषि मुनियों द्वारा तीन अलग-अलग मार्ग- ज्ञान मार्ग, भक्ति मार्ग और कर्म मार्ग बताए गए है। इन तीनों मार्ग पर चल कर भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत ज्ञान मार्ग से ईश्वर को प्राप्त करते है, मीराबाई और हनुमान की तरह भक्ति मार्ग से भी भगवान की प्राप्ति की जा सकती है।

साथ ही हम अपने जीवन में सही रास्ते पर चल कर कर्म करते हुए भी कर्म मार्ग से भी ईश्वर को प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि हम सभी को कर्म मार्ग पर चलने की कोशिश करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान बुधनी विकाखण्ड के ग्राम बकतरा में श्री सीताराम महायज्ञ में शामिल हुए और संतों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बकतरा में एक करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भगवान ने जो काम अपने लिए निश्चित कर दिया है, उसको मेहनत और ईमानदारी से करेंगे तो भगवान को प्राप्त करना आसान होगा। यदि किसान पूरी मेहनत और लगन से खेती कर फसल उगाए, डॉक्टर नि:स्वार्थ भाव से मरीजों का इलाज करें और शिक्षक ईमानदारी से बच्चों को शिक्षा प्रदान करेंगे तो कर्म के मार्ग पर चलते हुए ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहनें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को खुद ही पूरा कर सके, इसके लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनाई गई है। सभी महिलाओं के पंजीयन का कार्य सुनिश्चित किया गया है और 10 जून से पात्र महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रूपए की राशि डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी किसानों से मूंग की खरीदी सरकार द्वारा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रीराम जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना की।

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