पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जागरुक

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अनोखा तीर, हरदा। लाइफ मिशन अभियान के अंतर्गत भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्राकृतिक संसाधनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यावरण को मानव जीवन के अनुकूल बनाने हेतु 18 मई से 5 जून के मध्य मिशन लाइफ अर्थात लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों को स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में आयोजित किया जाना है। मिशन लाइफ के अंतर्गत आज संस्था की प्राचार्य डॉ संगीता बिले ने विद्यार्थियों और संस्था के अधिकारियों व कर्मचारियों को पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण तथा सिंगल यूज प्लास्टिक को रोकने के लिए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आवाहन किया। साथ ही उन्होंने कपड़े का थैला लेकर बाजार जाने की भी अपील की। अगली कड़ी में बोलते हुए राष्ट्रीय हरित कोर प्रभारी डॉ.सीपी गुप्ता ने कहा कि आज हमारी पृथ्वी तिहरे संकट से जूझ रही है। जिसमें जलवायु परिवर्तन, जैविक संपदा और प्रदूषण शामिल है। इसके लिए हमें जागरूक होने की आवश्यकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26वें जलवायु सम्मेलन में किए गए वायदे को पूरा करने के लिए लाइफ स्टाइल में भी आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। हमें प्रकृति को बचाने के लिए अपने जीवन में रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल का उपयोग करना है। तभी हम अपनी अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित, संरक्षित और संवर्धित पृथ्वी और प्रकृति को अक्षुण रख पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे समुद्र में 192 अरब प्लास्टिक के टुकड़े, 18 करोड़ प्लास्टिक बैग, 42 करोड़ प्लास्टिक बोतलें और 20 करोड़ प्लास्टिक पैकेजिंग मटेरियल समुद्री जल को प्रदूषित कर रहे हैं, इससे प्रतिदिन लाखों समुद्री जीव मौत के शिकार हो रहे हैं। एक विश्लेषण के अनुसार एक पॉलिथीन बैग की उपयोग अवधि मात्र 15 से 20 मिनट की होती है, जबकि यही सिंगल यूज प्लास्टिक का बैग हमारी प्रकृति में 400 वर्षों तक बिना रीसाइकिल हुए पड़ा रहता है और एक पॉलीबैग 10 लाख माइक्रोप्लास्टिक कणों में टूटकर पानी और मिट्टी आदि के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बनता है। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग तत्काल बंद करना चाहिए और अपने आपको जीवों की मौत का कारण बनने से भी बचाना चाहिए।

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