ओंकारेश्वर। तीर्थनगरी में आए दिन कोई न कोई हादसा होने के समाचार अब आम बात हो गई है। रविवार को ओंकारेश्वर के गोमुख घाट पर स्नान कर रहे 6 लोग गहरे पानी में जाने के कारण नर्मदाजी में डूबने लगे। गनीमत रही कि घाट पर मौजूद नाविक संघ के सदस्यों ने नर्मदा में छलांग लगाकर इन्हें समय रहते बचा लिया नहीं तो छह जानें नर्मदा में समा जाती। यहां नाव दुर्घटना के बाद से नाव संचालन बंद है। 6 लोगों की जान बचाने वाले नाविक संघ सदस्य प्रीतम, संजय, चंदन एवं फोटोग्राफर राजू की लोगों ने प्रशंसा की। नाविकों ने कहा कि यहां अगर कोई घटना हुईं तो नाविकों की नाव बंद कर दी जाती है। यदि नौकाएं अवैध चल रही है या नियम विरुद्ध चल रहीं है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाना चाहिए, सभी नाविक को दंड देना उचित नहीं है। ग्राम पंचायत के समय नौका पंचायत के अंडर में चलती थी। उसका कंट्रोल रहता था। ऐसा ही नगर परिषद के द्वारा नोका संचालन होना चाहिए। परिषद का कर्मचारी घाटो पर बैठे नंबर से नोका संचालन कर कंट्रोल करे और किराया फिक्स कर उसकी रसीद नगर परिषद द्वारा काटी जाए। 25 प्रतिशत परिषद रखे 75 प्रतिशत नविकों को दिया जाए। सवारी गिनकर बिठाई जाए। सवारियों को सेफ्टी गार्ड पहनाए जाए, अन्य सुरक्षा उपकरण नोका में रखे जाए। इनका पालन नाविक नहीं करता है तो कर्मचारी उस नाव को बंद करें।
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