-सितंबर में मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी
-नए रेल स्टेशन से ओंकारेश्वर की दूरी सिर्फ 3.5 किमी बचेगी
खंडवा। ओंकारेश्वर-मूंदी व सनावद बेल्ट की कायापलट होने जा रही है। तीन बड़े प्रोजेक्ट अत्याधुनिक होंगे। पर्यटनस्थल हनुवंतिया व हाइडल व थर्मल बिजली कारखाने पहले से ही हैं। ओंकारेश्वर से खंडवा मेमू रेल में दो नई बातें होंगी। मोरटक्का स्टेशन खत्म हो रहा है। इसके बजाए एक किमी पहले ही ओंकारेश्वर खंडवा रेल चलेगी। 17 सितंबर से ही खंडवा-ओंकारेश्वर रोड मेमू रेल को मोदी हरी झंडी दिखा सकते हैं। इसीलिए मुंबई हेडक्वार्टर ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव दिया है, जिसे रोककर रखा गया है।
मोरटक्का के पास जो नया स्टेशन बन रहा है, वह खंडवा की तरफ एक किमी पहले होगा। वहां से ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर की दूरी केवल साढ़े तीन किलोमीटर बचेगी। मोरटक्का रेलवे ब्रिज का काम जल्द शुरू होने को है। लोहे का ब्रिज तोडऩे का काम चालू है। इसे भी इंदौर एदलाबाद यानि इच्छापुर रोड बनाने वाली कंपनी बनाएगी।
बड़ी बात तो यह है कि इस स्टेशन का श्रेय भी पीएम मोदी को दिया जाएगा। वे सितंबर में ओंकारेश्वर आ रहे हैं। आदि शंकराचार्य की मूर्ति, तैरते हुए सोलर प्लांट का लोकार्पण भी मोदी करेंगे। ओंकारेश्वर के पुराने मंदिर में जगह नहीं है। यहां कोई नई तकनीक ही बनानी होगी। आसपास विस्तार के लिए जगह नहीं है। कुछ पुराने मंदिर और लोगों की जगहें हैं। मंदिर भी काफी उंचाई पर है। लोगों के निकलने और दर्शन करने की पुरानी व्यवस्था के कारण विवाद होते हैं। ट्रस्ट और प्रशासन की व्यवस्थाएं भी कमजोर हैं।
कुल मिलाकर आदि शंकराचार्य, बड़े संतों के आश्रम, ममलेश्वर मंदिर, परिक्रमा पथ के पुराणों में उल्लेखित मंदिरों समेत बड़े और व्यवस्थित कारिडोर की जरूरत है। दिग्विजयसिंह के समय तत्कालीन कलेक्टर आरपी मंडल ने जेपी कंपनी से जो जीणोद्धार कराया था। उसी तरीके के मिशन की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सितंबर में इस एरिया को चमन करने का काम अब तेजी से शुरू होगा।
Views Today: 2
Total Views: 286

