अनोखा तीर, हरदा। मंगलवार को जिपं के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ऋषि गर्ग को शिकारी जाति के लोगों ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही समस्या को लेकर आवेदन दिया। इनका कहना है कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में उनके बच्चों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, युवाओं को रोजगार के लिए मिलने वाले आरक्षण के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। समाज के देवेंद्र राठौर ने बताया कि जिले के करीब ७ से ८ गावों में हमारी समाज के करीब ४०० से अधिक परिवार निवास करते है। वर्ष 2003 के पहले जिले में समाज के कुछ लोगों के प्रमाण पत्र भी बने है। लेकिन शासन की गाइड लाइन में बदलाव के चलते बीते 20 सालों से शिकारी जाति के परिवार के किसी भी सदस्य के जाति प्रमाण पत्र नहीं बने। जबकि समाज के लोग हरदा जिले में सालों से निवास करते आ रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर गर्ग को बताया कि भारत की अनुसूचित जनजाति की सूची में शिकारी जाति का 40वां स्थान है। अन्य जिलों में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत शामिल किया गया है। लेकिन हरदा जिले में जाति प्रमाण पत्र बनने में 50 साल पुराना रिकार्ड मांगा जा रहा है। शिकारी समाज के लोगों को कलेक्टर गर्ग ने उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

