खंडवा :- मुख्यमंत्री की बहुउद्देशीय योजना लाडली बहना योजना के फॉर्म भरने का कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन इसके बाद भी लाडली बहना योजना के फार्म कंप्लीट नहीं हो सके। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑनलाइन पंजीयन की स्थिति देखने पर अधिकांश बहनों को निराशा हाथ लग रही है। इसमें समग्र आईडी से लेकर बैंक खाते से आधार लिंक नहीं बता रहा तो कहीं टीबीटी बैंक से लिंक नहीं का ऑप्शन आवेदक बहनों के फॉर्म में अंकित आ रहा है। इसके लिए वार्ड स्तर पर जोन प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं जिनके नाम भी फॉर्म में हैं।
जबकि लाडली बहना के फार्म भरने के लिए महिलाओं द्वारा केवाईसी से लेकर बैंक के खातों के डॉक्यूमेंटव दस्तावेज एवं सत्यापन के तौर पर मोबाइल नंबर ओटीपी से भरे गए थे। फिर भी लाडली बहना योजना के ऑनलाइन फार्म की साइट पर जाकर देखने पर यह फॉर्म अभी भी कुछ आवेदकों के पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस ओर ना तो चुने हुए जनप्रतिनिधियों का ध्यान है और ना ही जिला प्रशासन का?
लाडली बहना योजना की मानिटरिंग नहीं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वपूर्ण योजना की मॉनिटरिंग भी नहीं की जा रही है। वहीं चुने हुए जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन इस योजना को लेकर सिर्फ दावे ही कर रहे है। सवाल यह उठता है कि जब मध्यप्रदेश शासन के समग्र पोर्टल पर आवेदकों के दस्तावेज ओके हैं तो फिर क्यों लाडली बहना योजना की साइट पर यह दस्तावेज लिंक नहीं हुए। इन सवालों से बचने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सिर्फ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ही आगे कर दिया है। जबकि निगम के वे सक्षम अधिकारी जो वार्ड स्तर पर नियुक्त है। क्या वे अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग रहे है?
जनसेवा अभियान के नाम पर कर रहे हैं खानापूर्ति ?
विधानसभा चुनाव से पूर्व शिवराज सरकार सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को दिलाने के लिए जुट गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के तहत जगह-जगह शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को शिविर के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
इधर लाडली बहना योजना के प्रचार प्रसार से लेकर इस योजना के सफल होने का प्रचार प्रसार चुने हुए जनप्रतिनिधि कर रहे हैं। लेकिन यह योजना धरातल पर तभी पूर्ण हो पाएगी जब इस योजना को लेकर गंभीरता से मानिटरिंग का कार्य किया जाएगा।

