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Friday, 30 October 2026
सीहोर

समरस पंचायतें गांव में बैठकर ही करे विवादों का निराकरण, निर्विरोध पंच-सरपंच व ग्रामीणों ने किया श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत:सीएम

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सलकनपुर देवी लोक निर्माण में हर घर का हो योगदान

नसरूल्लागंज- मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर बुधनी विधान सभा क्षेत्र की समरस पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, पंचों का सम्मेलन आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने समरस पंचायतों का आह्वान किया था और उस पर बुधनी विधान सभा क्षेत्र की 29 पंचायतों के ग्रामीणों ने एक ही जाजम पर बैठकर प्रदेश में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। निश्चित तौर पर इन पंचायतों के निवासी धन्यवाद के पात्र है। जिन्होंने अपने गांव को समरस बनाने में अपना योगदान दिया यह पंचायतें अद्भूत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भी यह सभी गांव समरस बने रहे। इन गांवों का कोई भी मामला थाने तक न पहुंचे और गांव में बैठकर ही विवादों का आपसी निराकरण हो। उन्होंने आह्वान किया कि जिस तरह से ग्रामीणों ने पंचायतों को समरस बनाने का उदाहरण प्रस्तुत किया है उसी तरह अपने गांव में स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी काम करते हुए उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समरस पंचायतों के लिये व्यवस्था की गई थी कि जिन पंचायतों में पंच-सरपंच निर्विरोध चुने जाएंगे वहाँ विकास और जन-कल्याण के लिए पुरस्कार स्वरूप अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। ऐसी पंचायतों में जो गरीब बिना आवास के रह रहे हैं उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास भी स्वीकृत किए जाएंगे। इसी के तहत सभी समरस पंचायतों को विकास व निर्माण कार्यो के लिए अलग से राशि के चैक देकर पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर सांसद रमाकांत भार्गव, श्रीमती साधना सिंह, कार्तिकेय चौहान, भाजपा नेता रघुनाथ भाटी, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, सलकनपुर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

चुनावों में दिया 50 प्रतिशत आरक्षण, उनके कल्याण के लिए शुरू की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि बहनों की जिंदगी बदलने में मैंने पूरे प्रयास किए और मुझे इस बात का संतोष है कि मैं तेजी के साथ आगे बड़ रहा हूं। बेटा-बेटी में होते भेद को देख कर मेरे मन में पीड़ा और वेदना रहती थी। समाज बेटियों को बोझ नहीं वरदान समझे, इसके लिए मैंने सार्वजनिक जीवन में आते ही प्रयास शुरू किए। सामूहिक विवाह से शुरू हुए इन प्रयासों में मुख्यमंत्री बनने के बाद लाडली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री कन्या विवाह जैसे कई योजनाएँ लागू की गई। बहन-बेटियों की पढ़ाई और महिला सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए गए। नगरीय निकायों और पंचायतों में महिला आरक्षण हो या अचल सम्पत्ति की रजिस्ट्री में महिलाओं को दी जा रही छूट का प्रावधान हो, राज्य शासन महिलाओं के कल्याण और उन्हें बराबरी का हक दिलवाने के लिए अनेक गतिविधियाँ संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना भी इसी दिशा में एक अहम कदम है।

देवी लोक भूमिपूजन में हर घर का हो योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को सलकनपुर में देवी लोक का भूमिपूजन किया जाएगा। इस दौरान 29 से 31 मई तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। मेरा मानना है कि विधान सभा क्षेत्र से ही नही बल्कि संपूर्ण जिले के हर घर से इस निर्माण में योगदान हो। गांव-गांव निकलने वाली यात्रा में हर घर से एक ईंट दी जाए जो देवी लोक के निर्माण में अपना योगदान देंगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि बुधनी क्षेत्र में सिंचाई सुविधा, रोड नेटवर्क, शिक्षा सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं, विद्युत आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियों का बहुत विस्तार हुआ है।

इन समरस पंचायतों को किया गया पुरस्कृत
आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत मढावन, ससली, लावापानी, मोगराखेड़ा को 15-15 लाख, बायां, बरखेड़ा, सियागहन, आमडो, कुसुमखेड़ा ग्राम पंचायत को 12-12 लाख, तिलाडिय़ा, जैत, चीकली, खेरी सिलगेना, बनेटा, पीलीकलार, तालपुरा, बडऩगर, रिछाडिय़ा कदीम, गिल्लौर और कोसमी को 7-7 लाख तथा ऊँचाखेड़ा, इटावाकलां, चोरसाखेड़ी, हाथीघाट, खातियाखेड़ी, पिपलानी, सीलकंठ, छापरी और बोरखेड़ी को 5-5 लाख रूपए राशि के चेक प्रदान किए गए। पिपलानी ग्राम पंचायत में सभी महिला पंच-सरपंच निर्वाचित होने पर 15 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के हितग्राहियों को भी प्रतीक स्वरूप चेक प्रदान किए।

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