जिला सेनानी होमगार्ड के निर्देशन में एसडीईआरएफ द्वारा जिला चिकित्सालय में आग से बचाव के संबंध में आपदा प्रबंधन जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सालय में आग लगने पर बचाव करने के तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में आग लगने के दौरान बुझाने के तरीके, आग लगे व्यक्ति पर कंबल डालना, उसे जमीन पर लिटाकर रोलिंग कराना, शरीर के जले हुए स्थान पर लगातार पानी डालना, सिलेंडर में आग लगने पर गीला कंबल कर आग बुझाने की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि आग लगने पर बचाव के लिए किसी कमरे के अंदर जाने के लिए क्रॉलिंग कर अंदर जाना संभव हो तो ब्रीदिंग एपेरेट्स का उपयोग करें ताकि बचावकर्ता धुएं के प्रभाव से बच सके।
कार्यक्रम में अति वर्षा के दौरान पुल/पुलिया/रपटे के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में क्या करे-क्या न करे की जानकारी दी गई। बाढ़/पानी के पास जाने पर क्या-क्या सावधानियां रखी जाए एवं डूबने से बचने के लिए बाजार के महंगे सामानों जैसे लाइफ जैकेट, लाइफबॉय के अतिरिक्त हमारे आसपास की वस्तुओं जैसे प्लास्टिक की खाली बोतलों, खाली केन, खाली कनस्तर, लकड़ी के गठ्ठे, फुटबॉल/प्लास्टिक बॉल, लकड़ी की टहनियों आदि के उपयोग करने का तरीका बताया गया।
आग लगने पर घायल के अधिक धुएं में रहने पर सांस रूकने पर सदमे में जाने की स्थिति बनती है, जिसमें किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर घायलों के लिए प्रथमोपचार करने के तरीके बताए गए। घायल व्यक्ति के बेहोश होने पर अथवा हृदयाघात का असर होने पर सीपीआर के तरीके बताकर अभ्यास भी कराया गया। घायल व्यक्तियों को दुर्घटना स्थल से एंबुलेंस/सुरक्षित स्थल ले जाने के लिए बांस की लकड़ी से कंबल द्वारा स्ट्रेचर बनाना, घायल व्यक्तियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की आकस्मिक विधियों के संबंध में जानकारी दी गई।

