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Monday, 12 October 2026
हरदा

बदलेगी व्यवस्था भू-अभिलेख विभाग देगा नए सिस्टम

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अनोखा तीर, हरदा। सीमांकन को लेकर होने वाले विवाद अब जल्द ही खत्म हो जाने वाले हैं। अब भूमि संबंधी जानकारी मामलों में भारत सरकार की जीएनएसएस रोवर मशीन से नपती होगी। इस नए सिस्टम के टावर सभी जगह लग गए हैं। इसके लिए राजस्व निरीक्षक व पटवारियों आदि अमले को मशीन चलाने की ट्रेनिंग भी जल्द ही दी जाने वाली है। ज्ञात हो कि जमीन को लेकर सबसे ज्यादा झगड़े सीमांकन को लेकर होते हैं। इसी में भी सबसे ज्यादा जादूगरी भी होती है। पहले पटवारी के नक्शे में जोड़ घटाव होता था, लेकिन एक दशक से सरकार ने सभी नक्शों को आनलाइन कर दिया है। मामले में साथ ही टीसीएम मशीन से नपती भी शुरू कर दी है। इसके बावजूद विवाद की स्थिति बन जाती है। वहीं पटवारी से लेकर तहसीलदार तक सभी राजस्व अमला इसमें बाजीगरी करने से बाज नहीं आता। इस कारण सीमांकन के अनेक मामले लंबे समय तक पैंडिंग पड़े रहते हैं। मगर अब ये स्थिति जल्द ही खत्म होने जा रहा है रही है। केंद्र सरकार के सर्वे ऑफ इंडिया ने जमीन की नपती को लेकर एक सिस्टम तैयार किया है। इसमें जीएनएस सिस्टम के टॉवर लगा दिए गए हैं जो 90 किलोमीटर का ऐरिया कवर करेंगे। सभी जिलों की तहसीलों में रोवर सिस्टम की छड़ी और रिमोट कंट्रोल से दे दिए जाएंगे। जैसे ही सिस्टम को आन किया जाएगा उस जगह का नक्शा आनलाइन पेश हो जाएगा। इसके बाद छड़ी नक्शे के अनुरूप निशान लगाती जाएगी। गलत होने पर संदेश दे दिया जाएगा कि कहां जाना है। इस प्रकार कुछ ही समय में नक्शे के अनुरूप सीमांकन हो जाएगा।

ऐसे चलेगा सिस्टम

सीमांकन का आवेदन आने के बाद राजस्व निरीक्षक व पटवारी को जांच दी जाएगी। उन्हें छड़ी व टीवी रिमोट जैसी रोवर मशीन दी जाएगी। मौके पर पहुंचने पर गांव व सर्वे नंबर मशीन में डाला जाएगा। उसके बाद ओटीपी नंबर एसएलआर के पास जाएगा जिसके डालते ही मशीन शुरू हो जाएगी। मौके पर जमीन की सीमाओं पर छड़ी को लगा दिया जाएगा। गलत होने पर मशीन खुद ब खुद बता देगी। बाद में सिस्टम पर सीमांकन रिपोर्ट डालने पर ऑनलाइन डाटा फीड हो जाएगा। सारे सीमांकन का डाटा इक_ा होता जाएगा।

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