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Monday, 12 October 2026
हरदा

नागरिकों के जीवन में आ रही खुशहाली : कृषि मंत्री  

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अनोखा तीर, हरदा। जिला प्रशासन ने नवाचार के रूप में जिले के विभिन्न ग्रामों में जीवनम स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। सोमवार को 100वां जीवनम स्वास्थ्य शिविर ग्राम कनारदा में कृषि मंत्री कमल पटेल के मुख्य अतिथ्य में आयोजित किया गया, जिसमें अरविन्दो हॉस्पिटल इन्दौर के डॉक्टर्स के साथ-साथ इंडियन मेडिकल एसोशिएसन के चिकित्सकों ने भी अपनी सेवाएं दी। इन्दौर के डॉ. प्रशांत अग्रवाल, डॉ. अर्चित जैन, डॉ. अक्षय और डॉ. नलिनी दोगने ने शिविर में आये मरीजों का उपचार किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शनसिंह गहलोद, जिला भाजपा अध्यक्ष अमरसिंह मीणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचपी सिंह, सिविल सर्जन डॉ.मनीष शर्मा सहित विभिन्न अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में क्षय रोग के 10 मरीजों को मंत्री श्री पटेल ने पोषण आहार से भरी फूड बास्केट भेंट की। मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के उपचार में गरीब परिवारों को महंगे ब्याज दर पर कर्जा लेना पड़ता था, जिसमें परिवार बर्बाद हो जाते थे। कई गरीब मरीज उपचार के अभाव में दम तोड़ देते थे। सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना जबसे प्रारम्भ की है, तब से 5 लाख रूपये तक का उपचार सरकारी खर्चे पर गरीब परिवार बड़े-बड़े अस्पतालों में नि:शुल्क कराने लगे है। मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर उपस्थित डॉक्टर्स को निर्देशित किया कि गरीब मरीजों को अस्पताल में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं तथा उनके ऑपरेशन और गरीब महिलाओं के प्रसव सरकारी अस्पताल में ही कराएं, निजी अस्पतालों में रहकर न करें। मंत्री श्री पटेल ने जयमाता दी लोक कला मंडल को 20 हजार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होने ग्राम कनारदा में सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 25 लाख रुपए की लागत से सामूदायिक भवन निर्माण कराने की घोषणा भी की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि अब तक आयोजित जीवनम स्वास्थ्य शिविरों में 21961 मरीजों का उपचार नि:शुल्क किया गया। इनमें 7877 पुरूष, 10011 महिला और 4073 बच्चे शामिल है। कनारदा में आयोजित शिविर में 578 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 35 ग्रामीणों की सोनोग्राफी जांच, 79 ग्रामीणों की लेब जांच, 38 ग्रामीणों की गर्भवती माता जांच, 72 ग्रामीणों की आंखों की जांच, 46 ग्रामीणों की मलेरिया जांच तथा 17 ग्रामीणों की टी.बी. की जांच की गई। इसके अलावा 9 ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड तथा 12 लोगों की आभा आईडी तैयार की गई।

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