अनोखा तीर, हरदा। आगामी दिनों में चुनाव के नजदीक आते-आते सभी शासकीय कर्मचारियों में अपनी न्यायिक मांगों को लेकर आक्रोश भड़क रहा है। धीरे-धीरे सभी कर्मचारी संगठन अब आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं। उनकी मंशा है कि इस मौके शासन पर दबाव बनाकर अपनी मांगें मनवा ली जाए। इसी क्रम में सोमवार को एक बार फिर मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें मनवाने के बताई।
18 हजार पटवारी करेंगे हड़ताल
इस ज्ञापन में कहा पटवारी भी संघ ने चेतावनी दी कि उनकी मांगें नहीं मानी मानी गई तो उनका प्रदेश के सभी 18 हजार पटवारी भी आकस्मिक हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे राज्य के में रेवन्यू नमस्ते की स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
क्या हैं मांगें
जिला इकाई ने प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, जिलाध्यक्ष अनुराग करोलिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर एके खरे को सौंपा। संघ ने कहा कि प्रदेश में पटवारियों को 1998 के वेतनमान अनुसार वेतन मिल रहा है। इसमें समय-समय पर गठित वेतन आयोग के पश्चात पटवारियों के वेतन में विसंगति हो गई। इससे पटवारियों को 25 वर्ष से कम वेतनमान प्राप्त हो रहा है। इसको लेकर प्रदेश में संघ द्वारा शासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। समय-समय पर राजस्व मंत्री रमेशचन्द्र शर्मा, कैबिनेट मंत्री विजय शाह, राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह को बताया कि निर्धारित कार्य के अतिरिक्त अन्य 56 विभागों के कार्यों का बोझ लादा जा रहा है, इससे पटवारी परेशान हैं। उन्होंने मप्र भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 129 में संशोधन कर सीमांकन में वरिष्ठ पद का दायित्व सौंपा है। वहीं 2800 में ग्रेड वेतनमान के आदेश के अभाव में म.प्र. पटवारी संघ के बैनर तले प्रदेश के पटवारी सीमांकन के कार्य से विरत रहेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिले के पटवारी मौजूद थे।
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