खंडवा : किसान द्वारा कड़ी मेहनत से उगाई गई प्याज की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। बेमौसम हुई वर्षा ने खेतों में प्याज को सड़ा दिया। हालात यह हैं कि किसान खेतों से प्याज समेटकर फेंक रहे हैं। जिले में खंडवा, छैगांवमाखन और पंधाना ब्लाक में प्याज की खेती अधिक होती है। पंधाना के ग्राम बावडिय़ा काजी, खैगांवड़ा, भैरूखेड़ा, पांजरिया, कोरगला, जामठी, कुमठी, रुस्तमपुर, खारवा, निहालवाड़ी, गोराडिय़ा में किसानों की प्याज को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने संयुक्त कृषक संगठन पंधाना इकाई नेतृत्व में सोसायटी के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम आरआई को ज्ञापन सौंपा। किसानों को कहना है कि अप्रैल माह में हुई बारिश से किसानों की पचास प्रतिशत प्याज की फसल खराब हुई है। शासन द्वारा इसका सर्वे कराकर किसानों को राहत राशि प्रदान की जाए। किसानों ने सीएम के नाम आरआई दीपक गीते को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि हर बार फसल क्षति का सर्वे किसानों की जानकारी एवं सही आंकलन के विपरीत रहता है। इसलिए फसल क्षति सर्वे में किसान संगठनों, ग्राम सचिव, सरपंच, पंच को भी जोड़ कर रखा जाए ताकि सर्वे जमीनी हकीकत देखते हुए हो। कई 21 गांव की क्षतिपूर्ति राशि सूचि दी जाए, क्योंकि राहत राशि स्वीकृत होने के पश्चात आवंटन में भी दोषपूर्ण स्थिति निर्मित होती है। 21 गांव के किसानों के नाम एवं स्वीकृति राशि सूची दी जाए ताकि किसी किसान के साथ भेदभाव न हो। सरकार प्याज निर्यात खोले या 20 रूपए प्रति किलो की राशि बोनस के रूप में किसानों दे। गेहूं पर 600 रूपए प्रति क्विंटल किसानों को बोनस दिया जाए। धरना प्रदर्शन में संगठन के जिला उपाध्यक्ष दिलावरसिंह चौहान, अरूण पटेल, रमेशचंद्र, रविन्द्र कुशवाह, सुनील कुशवाह, गुलाबचंद महाजन, दगड़ू कुशवाह, लक्ष्मीनारायण कुशवाह, ओमप्रकाश गुर्जर, संदीप पटेल, हरजी भाई गुर्जर, प्रकाश गुर्जर, दयाराम कोशल आदि सहित किसान मौजूद थे।
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